लोक संवर्धन पर्व भारत की सांस्कृतिक विविधता का राष्ट्रीय उत्सव: किरेन रिजिजू

युगवार्ता    11-Jul-2026
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू  देहरादून के परेड ग्राउंड में पांच दिवसीय छठे 'लोक संवर्धन पर्व' का शुभारंभ करते हुए।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू  'लोक संवर्धन पर्व' कार्यक्रम स्थल पर पौधरोपण करते हुए।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू  सहित अन्य'लोक संवर्धन पर्व' कार्यक्रम में मचासीन।


- देहरादून में पांच दिवसीय लोक संवर्धन पर्व का शुभारंभ

देहरादून, 11 जुलाई (हि.स.)। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ शनिवार को देहरादून के परेड ग्राउंड में पांच दिवसीय छठे 'लोक संवर्धन पर्व' का शुभारंभ किया। इस मौके पर रिजिजू ने कहा कि लोक संवर्धन पर्व केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता, पारंपरिक कौशल और कारीगरों के सम्मान का राष्ट्रीय उत्सव है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार पारंपरिक शिल्प, हस्तकला, लोक संस्कृति और अल्पसंख्यक समुदायों के कारीगरों को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विरासत का संवर्धन (पीएम विकास) योजना के अंतर्गत आयोजित यह महोत्सव शिल्पकारों को विपणन, ब्रांडिंग और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने का प्रभावी मंच है। इससे कारीगरों को अपनी कला और उत्पादों के लिए व्यापक बाजार उपलब्ध हो रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने उत्तराखंड सरकार की सराहना करते हुए कहा कि लोक संवर्धन पर्व के आयोजन में साझेदारी करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है। उन्होंने इसे राज्य की सांस्कृतिक प्रतिबद्धता और विकासोन्मुखी सोच का परिचायक बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि लोक संवर्धन पर्व के आयोजन में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के साथ साझेदारी करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है। उन्होंने कहा कि भारत की विविध भाषाएं, लोक परंपराएं, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक विरासत देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। ऐसे आयोजन सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के साथ-साथ शिल्पकारों और लोक कलाकारों को नए बाजार तथा रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से आयोजित यह महोत्सव उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय है। राज्य सरकार 'हाउस ऑफ हिमालयाज' और 'एक जनपद, दो उत्पाद' जैसी योजनाओं के माध्यम से स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक शिल्प को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

धामी ने प्रदेशवासियों और पर्यटकों से लोक संवर्धन पर्व में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर स्थानीय उत्पादों की खरीद के माध्यम से शिल्पकारों और कारीगरों का उत्साहवर्धन करने की अपील की।

15 जुलाई तक आयोजित होने वाले इस महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों से आए शिल्पकार, हस्तशिल्पी, लोक कलाकार, उद्यमी और पाक कला विशेषज्ञ अपनी पारंपरिक कला, शिल्प एवं स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। महोत्सव में 150 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें उत्तराखंड सहित विभिन्न राज्यों की लोक कला, हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पाद और व्यंजनों को प्रदर्शित किया गया है। इस दौरान मुख्यमंत्री और केन्द्रीय मंत्री ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधरोपण भी किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

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