(अपडेट) मप्र के दतिया उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद समर्थकों का उग्र प्रदर्शन, धारा 163 लागू

युगवार्ता    11-Jul-2026
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मीडिया से बात करते हुए नरोत्तम मिश्रा


सड़क पर लेटी महिलाएं


नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद समर्थकों ने ग्वालियर-झांसी हाईवे किया जाम


- हंगामे के बीच नरोत्तम मिश्रा की पहली प्रतिक्रिया, बोले- ये पार्टी का निर्णय, उग्र प्रदर्शन न करें कार्यकर्ता, संयम रखें

भोपाल, 11 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा के कद्दावर नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद क्षेत्र में भारी हंगामा हो रहा है। उनके समर्थक उग्र पदर्शन कर रहे हैं। भारी हंगामे के बीच डॉ. नरोत्तम मिश्रा की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है।

उन्होंने मीडिया के माध्यम से अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं को संदेश देते हुए कहा है कि उम्मीदवार का चयन पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का निर्णय है, इसलिए सभी कार्यकर्ता संयम बनाए रखें। किसी भी तरह का उग्र विरोध नहीं होना चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो फुटेज का हवाला देते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शन के नाम पर मिट्टी का तेल या पेट्रोल डालने जैसी हरकतें करना बिल्कुल ठीक नहीं है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को हिदायत दी कि वे किसी भी सूरत में मार्ग अवरुद्ध न करें, क्योंकि पार्टी फोरम पर अपनी बात रखने का एक तय तरीका होता है और इस तरह का उग्र प्रदर्शन कतई स्वीकार्य नहीं है।

दरअसल, दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार की घोषणा के बाद शुक्रवार शाम करीब 5:30 बजे से समर्थकों ने हिंसक विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कुछ देर में पथराव, चक्काजाम और पुलिस से झड़प शुरू हो गई। प्रदर्शनकारियों ने ग्वालियर-झांसी हाइवे पर करीब 15 से 20 किलोमीटर लंबा चक्काजाम कर दिया और सैकड़ों वाहन फंस गए।

शनिवार सुबह प्रदर्शन के दौरान उग्र भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया, जिसमें कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और एक गाड़ी को पलट दिया गया। हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। इस पथराव में दतिया एसपी, एसडीओपी समेत आठ पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात किया। बताया गया कि कुछ समर्थकों ने भाजपा कार्यालय में खुद को बंद कर लिया था, जिन्हें बाद में प्रशासन की समझाइश के बाद बाहर निकाला गया।

इस भारी बवाल और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को देखते हुए दतिया कलेक्टर ने तुरंत एक्शन लिया है। शनिवार सुबह प्रशासन ने पूरे जिले में बीएनएसएस की धारा 163 लागू कर दी। इसके तहत बिना अनुमति किसी भी सभा, जुलूस, धरना-प्रदर्शन और सार्वजनिक आयोजन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर भी रोक लगा दी गई है।

जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंजीत सिंह चावला ने कहा कि जिले में कई जगहों पर प्रदर्शन हुए। तीन हजार से ज़्यादा प्रदर्शनकारियों ने लगभग 12 घंटे तक एनएच-44 को जाम रखा, जिसमें दतिया के पुलिस अधीक्षक और कई अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गए। बाद में सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को हटाया और उनमें से कुछ को हिरासत में ले लिया।

विजयवर्गीय बोले- टिकट घोषित होने के बाद बदलने की परंपरा भाजपा में नहीं

दतिया उपचुनाव में टिकट को लेकर मचे बवाल की प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा है कि भाजपा लोकतांत्रिक पार्टी है। कार्यकर्ताओं को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। उन्होंने विश्वास जताया कि संगठन सभी कार्यकर्ताओं से संवाद कर मतभेद दूर करेगा। भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी भारी मतों से जीतेंगे। उन्होंने कहा कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा पार्टी के वरिष्ठ और समर्पित नेता हैं। संगठन के निर्णय का सम्मान करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा में टिकट घोषित होने के बाद उसे बदलने की परंपरा नहीं है। दतिया में भी उम्मीदवार बदलने की संभावना नहीं है।

उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा डैमेज कंट्रोल करने के लिए दतिया रवाना

भाजपा संगठन ने दतिया में टिकट के बाद उपजे असंतोष और विरोध को थामने की जिम्मेदारी उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा को दी है। इसके लिए वे दतिया के लिए रवाना हो गए हैं। दतिया रवाना होने से पहले उपमुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि दतिया विधानसभा के चुनाव को लेकर जो निर्णय हुआ है, वह भारतीय जनता पार्टी का निर्णय है। हम सभी उस निर्णय को शिरोधार्य करते हैं। संगठन हमारे लिए सर्वोपरि है और सभी कार्यकर्ता संगठन के निर्णय का सम्मान करेंगे। यदि किसी भी प्रकार का कोई विषय है तो उसका निराकरण पार्टी स्तर पर बैठकर किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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