बांग्लादेश में खसरे का कहर जारी, पांच और बच्चों की मौत; मृतकों की संख्या 758 पहुंची

युगवार्ता    12-Jul-2026
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ढाका, 12 जुलाई (हि.स.)। बांग्लादेश में खसरे (मीजल्स) का प्रकोप लगातार गंभीर होता जा रहा है। पिछले 24 घंटों में खसरे जैसे लक्षणों से पांच और बच्चों की मौत होने के बाद देश में पुष्ट और संदिग्ध मामलों से कुल मृतकों की संख्या बढ़कर 758 हो गई है। यह जानकारी बांग्लादेश के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) ने रविवार को जारी ताजा आंकड़ों में दी।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अब तक 664 संदिग्ध और 94 प्रयोगशाला से पुष्टि किए गए मरीजों की मौत हो चुकी है। वहीं, पिछले 24 घंटों में 879 नए संदिग्ध मामले सामने आने के बाद कुल संदिग्ध संक्रमितों की संख्या 1,11,480 हो गई है। इसी अवधि में 90 नए पुष्ट मामले दर्ज किए गए, जिससे देश में कुल 13,500 प्रयोगशाला-पुष्ट संक्रमित हो गए हैं।

डीजीएचएस के मुताबिक, 15 मार्च से अब तक 94,340 संदिग्ध मरीज अस्पतालों में भर्ती किए जा चुके हैं, जिनमें से 90,605 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। हालांकि, अस्पतालों में अब भी प्रतिदिन 900 से अधिक मरीज भर्ती हो रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी दबाव बना हुआ है।

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि खसरे के बीच डेंगू के बढ़ते मामलों से स्थिति और गंभीर हो सकती है। राजधानी ढाका के प्रमुख सरकारी अस्पताल, जो पहले से खसरे के मरीजों से भरे हुए हैं, अब संभावित डेंगू प्रकोप के लिए भी तैयारियां कर रहे हैं।

स्थानीय मीडिया के अनुसार, जून महीने में डेंगू संक्रमण और उससे होने वाली मौतों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। इस वर्ष अब तक सामने आए कुल डेंगू मामलों में 48 प्रतिशत और कुल मौतों में 72 प्रतिशत जून में ही दर्ज हुई हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि जुलाई और अगस्त के मानसून महीनों में डेंगू के मामले और बढ़ सकते हैं।

बांग्लादेश मेडिकल यूनिवर्सिटी (बीएमयू) के आंतरिक चिकित्सा विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर फजले रब्बी चौधरी ने कहा कि खसरे के मामलों में कमी जरूर आ रही है, लेकिन यह अपेक्षा से धीमी है। उन्होंने चेतावनी दी कि मानसून के कारण मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं और डेंगू के बढ़ते मामले अस्पतालों पर अतिरिक्त बोझ डालेंगे।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सरकार से एडीज मच्छरों के नियंत्रण के लिए अभियान तेज करने, अस्थायी उपचार केंद्र स्थापित करने और अलग डेंगू वार्ड बनाने की अपील की है, ताकि दोनों बीमारियों के दोहरे दबाव से निपटा जा सके और बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट को टाला जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

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