एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 में करीब 40 हजार करोड़ के निवेश मिले : मोहन यादव

युगवार्ता    13-Jul-2026
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एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव


मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने औद्योगिक ईकाइयों का लोकार्पण और परियोजनाओं का भूमि-पूजन किया


गूगल प्ले एवं एमपीएसईडीसी के मध्य एमओयू का आदान-प्रदान हुआ


- प्राप्त निवेश से 34 हजार से अधिक रोजगार होंगे सृजित, मुख्यमंत्री कॉन्क्लेव 3.0 को किया संबोधित

भोपाल, 13 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 में 51 प्रमुख गतिविधियां हुई। इन गतिविधियों से लगभग 40 हजार करोड़ रुपये का निवेश और 34 हजार से अधिक रोजगार अवसरों का मार्ग प्रशस्त्र हुआ है। एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 की यात्रा में राज्य सरकार ने अपने सभी संकल्पों को पूरा किया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को राजधानी भोपाल में एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 जीसीसी, डेटा सेंटर एवं सेमीकंडक्टर के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले 2 टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव के माध्यम से प्रदेश को 46 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के बाद से टेक्नोलॉजी क्षेत्र में 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर आया है। इस अवधि में 22 नई औद्योगिक इकाइयों का लोकार्पण और 4 नई परियोजनाओं का भूमि-पूजन किया गया है, जो राज्य सरकार की कार्य गति और आत्मविश्वास का परिचायक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी क्षमता, योग्यता और बुद्धिमत्ता के आधार पर विश्व में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत का गौरवशाली अतीत पूरी दुनिया के सामने है और पिछले 12 वर्षों में भारत ने विश्व के सबसे तेज गति से विकसित होने वाले देशों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि भारत सभी क्षेत्रों में दुनिया को नई दिशा दे रहा है और इस विकास यात्रा में मध्यप्रदेश भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कृषि, खनिज और वनों की पारंपरिक पहचान से आगे बढ़ते हुए प्रदेश आज डिफेंस, ड्रोन, साइंस एंड टेक्नोलॉजी, रिन्यूएबल एनर्जी, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से लेकर फ्यूचर ग्रोइंग सेक्टर तक तेजी से प्रगति कर रहा है। एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 प्रदेश की इसी विकास यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार एआई, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर सहित सभी छोटे एवं बड़े उद्योगों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और सभी उद्योग समूहों को समान रूप से हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश साइंस सिटी, एआई, डीप टेक पार्क और डेटा सेंटर सहित विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार एआई सहित सभी क्षेत्रों में नवाचार, अनुसंधान, कौशल विकास और अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल है। यहां व्यक्ति अपनी पूरी क्षमता के साथ कार्य कर सकता है। उन्होंने कहा कि वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना के साथ आगे बढ़ते हुए मध्य प्रदेश में सभी क्षेत्रों में विकास की अपार संभावनाएं हैं। एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कॉन्क्लेव में गूगल प्ले के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं डिजिटल क्षमता विकास के क्षेत्र में सहयोग संबंधी महत्वपूर्ण एमओयू किया गया।

28 हजार 200 करोड़ से अधिक की विदेशी निवेश परियोजनाएं धरातल पर साकार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश में विदेशी निवेश अब केवल एमओयू तक सीमित नहीं रहकर धरातल पर साकार हो रहा है। स्पेन, कनाडा, अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, जापान, दक्षिण कोरिया, आयरलैंड और इंडो-जर्मन सहयोग सहित 8 देशों की 10 प्रमुख कंपनियों की 28 हजार 200 करोड़ रुपये से अधिक की निवेश परियोजनाएँ प्रदेश में ग्राउंडब्रेकिंग चरण में हैं। इनमें स्पेन की सबमर इंडिया प्रा.लि. द्वारा भोपाल में लगभग 20 हजार करोड़ रुपये (यूएसडी 2 बिलियन डॉलर) के एआई-रेडी डेटा सेंटर की स्थापना, कनाडा की मैक्केन फूड की 3,800 करोड़ रुपये की फूड प्रोसेसिंग इकाई, यूनाइटेड किंगडम की हेलियन (जीएसके) की 3 हजार करोड़ रुपये की फार्मास्यूटिकल्स परियोजना, जापान की टोपान स्पेशियलिटी फिल्म्स की 1,100 करोड़ रुपये की स्पेशियलिटी फिल्म्स इकाई शामिल है।

एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा लागत वाली इन परियोजनाओं के साथ अमेरिका ट्रूयर स्पिलट वाटर्स की रिन्यूएबल्स एनर्जी की 500 करोड़ रुपये की नवकरणीय ऊर्जा परियोजना, दक्षिण कोरिया की बू यंग स्कीकॉर्प की 225 करोड़ रुपये की लेदर एवं फुटवियर इकाई और एफीबार की 207 करोड़ रुपये का मेडिकल डिवाइस पार्क, आयरलैंड की फेलिक्स जेनेरिक्स की 134 करोड़ रुपये की फार्मास्यूटिकल्स इकाई, यूनाइटेड किंगडम की क्लिनीसप्लाइज की 127 करोड़ रुपये की मेडिकल डिवाइस पार्क और इंडो-जर्मन सहयोग से टीडब्ल्यूई ओबीटी प्रा.लि. की 126 करोड़ रुपये की टेक्सटाइल इकाई के कार्य भी निरंतर प्रगति पर हैं। इन निवेश परियोजनाओं से प्रदेश में औद्योगिक विकास, डिजिटल अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण तथा रोजगार सृजन को नई गति मिल रही है।

स्पेन का सबमर ग्रुप भोपाल में 2 बिलियन डॉलर से बनाएगा एआई-रेडी डेटा सेंटर

स्पेन का सबमर ग्रुप मध्य प्रदेश में 2 बिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 19,000 करोड़ रुपये) के निवेश से एआई-रेडी डेटा सेंटर स्थापित करेगा। सबमर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ पैट्रिक स्मेल्ट्स ने एमपी टेकग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश भारत और वैश्विक उद्योगों के बीच रणनीतिक साझेदारी का सशक्त केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव केवल निवेश आकर्षित करने का मंच नहीं, बल्कि राज्य सरकार की दीर्घकालिक विकास संबंधी दूरदर्शी सोच का भी परिचायक है। उन्होंने कहा कि गत वर्ष जुलाई 2025 में स्पेन के बार्सिलोना में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ हुई सकारात्मक चर्चाओं और निवेश समझौतों के परिणामस्वरूप आज प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर और आईटी क्षेत्र में निवेश निरंतर बढ़ रहा है।

सीईओ स्मेल्ट्स ने बताया कि कंपनी द्वारा डेटा सेंटर परियोजना के लिए भूमि आवंटन का पहला आवेदन प्रस्तुत किए जाने के मात्र छह दिनों के भीतर भोपाल के हज्जामपुरा औद्योगिक क्षेत्र में 60,619.30 वर्ग मीटर भूमि आवंटन की सहमति 12 जुलाई 2026 को एमपीआईडीसी द्वारा जारी कर दी गई। यह भूमि 99 वर्ष की लीज पर आवंटित होगी। डेटा सेंटर बनने से लगभग 5,000 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह निवेश मध्यप्रदेश में वैश्विक निवेशकों के बढ़ते विश्वास तथा उद्योगों के लिए राज्य की त्वरित एवं निवेशक-अनुकूल कार्यप्रणाली का उदाहरण है।

सीईओ स्मेल्ट्स ने कहा कि उद्योगों के लिए अनुकूल इको सिस्टम स्थानीय युवाओं को कौशल प्रशिक्षण तथा सरकार का दूरदर्शी विजन और दृढ़ संकल्प मध्यप्रदेश की विकास यात्रा के प्रमुख आधार हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रमुख घोषणाएं

-इंदौर के सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में 3 एकड़ में अत्याधुनिक आईटी पार्क विकसित किया जाएगा। लगभग 3 लाख वर्ग फीट निर्मित क्षेत्र वाले इस परिसर में जीसीसी, आईटी एवं डिजिटल सेवा कंपनियों के लिए विश्वस्तरीय कार्यालय उपलब्ध कराए जाएँगे।

-प्रदेश में सेमीकंडक्टर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी, जो कौशल विकास, अनुसंधान, उद्योग सहयोग एवं क्षमता निर्माण को प्रोत्साहित करेगा।

-भोपाल आईटी पार्क में नया आईटी टॉवर विकसित किया जाएगा, जिससे जीसीसी, आईटी एवं डिजिटल सेवा कंपनियों के लिए अतिरिक्त प्लग-एंड-प्ले कार्यालय उपलब्ध कराए जाएँगे।

-प्रदेश में एवीजीसी-एक्सआर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी, जिससे एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स एवं एक्सटेंडेड रियलिटी क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा।

-भारत सरकार के सहयोग से मंथन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा ग्लोबल स्किल्स पार्क में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे, जो नवाचार, अनुसंधान, कौशल विकास एवं उद्योग-अकादमिक सहयोग को नई गति प्रदान करेंगे।

-भोपाल के कोलार क्षेत्र में प्लग-एंड-प्ले अवसंरचना से युक्त नया आईटी पार्क विकसित किया जाएगा, जिससे तकनीकी कंपनियों को शीघ्र संचालन प्रारंभ करने की सुविधा उपलब्ध होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत

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