सब्सक्रिप्शन के लिए खुला अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड का आईपीओ, 16 जुलाई तक कर सकते हैं अप्लाई

युगवार्ता    14-Jul-2026
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प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 14 जुलाई (हि.स.)। फैब्रिक की डाइंग और प्रोसेसिंग के काम में लगी अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड का 126.25 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 16 जुलाई तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 17 जुलाई को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 20 जुलाई को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 21 जुलाई को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं। लॉन्चिंग के बाद दोपहर 2:40 बजे तक ये आईपीओ 23 प्रतिशत सब्सक्राइब हो चुका था।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 100 से लेकर 105 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 142 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम 1 लॉट यानी 142 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,910 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर 1,93,830 रुपये के निवेश से अधिकतम 13 लॉट में 1,846 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 1,20,24,000 नए शेयर जारी हो रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए सिर्फ एक प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 70 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 29 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए डीएंडए फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।

अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी को 8.63 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़ कर 21.72 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इस दौरान कंपनी की कुल आय में भी बढ़ोतरी हुई है। वित्त वर्ष 2024-25 में इसे 237.66 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़ कर 350.18 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ भी बढ़ गया। वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में कंपनी पर 166.09 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़ कर 177.60 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2024-25 में ये 51.13 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2025-26 में बढ़ कर 72.88 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही। वित्त वर्ष 2024-25 में ये 24.86 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2025-26 में बढ़ कर 46.32 करोड़ रुपये हो गया।

इस दौरान कंपनी की परिसंपत्तियों में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी के पास 294.86 करोड़ रुपये की परिसंपत्तियां थी। इसी तरह अगले वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़ कर 305.31 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गईं। इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2024-25 में 27 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2025-26 में बढ़ कर 47.45 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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