
चेन्नई, 14 जुलाई (हि.स.)। तमिलनाडु सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुदृढ़, आधुनिक और जनसहभागिता आधारित बनाने की दिशा में मंगलवार को महत्वपूर्ण पहल करते हुए 'नलम टीएन' योजना और उसकी आधिकारिक वेबसाइट का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने चेन्नई के स्टेट कॉलेज में आयोजित समारोह में योजना की वेबसाइट लॉन्च की तथा इसका आधिकारिक लोगो जारी किया। इस अवसर पर उन्होंने नव-नियुक्त चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए उनसे सेवा भावना और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।
समारोह में मुख्यमंत्री विजय ने कुल 751 सहायक चिकित्सा अधिकारियों और 1,393 स्वास्थ्य निरीक्षकों सहित 2,144 स्वास्थ्य कर्मियों को नियुक्ति आदेश प्रदान किए। कार्यक्रम के दौरान एक भावुक दृश्य उस समय देखने को मिला, जब एक दिव्यांग महिला चिकित्सक मंच तक पहुंचने में असमर्थ रहीं। यह देखकर मुख्यमंत्री स्वयं मंच से नीचे उतरकर उनके पास पहुंचे और उन्हें नियुक्ति पत्र सौंपा। मुख्यमंत्री के इस संवेदनशील व्यवहार की समारोह में मौजूद लोगों ने सराहना की।
राज्य सरकार के अनुसार, 'नलम टीएन' योजना का उद्देश्य सरकारी अस्पतालों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करना तथा मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है। योजना के तहत अस्पतालों में स्वच्छ एवं आधुनिक शौचालयों का निर्माण, चारदीवारी की व्यवस्था, चिकित्सकों एवं नर्सों के लिए आवासीय सुविधाएं विकसित करना, डायलिसिस मशीनों की संख्या बढ़ाना तथा कैंसर उपचार के लिए अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध कराना प्राथमिकता में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बेहतर बुनियादी ढांचा और आधुनिक तकनीक के साथ-साथ चिकित्सा कर्मियों की संवेदनशीलता भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की आधारशिला है। उन्होंने नव-नियुक्त अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों से अपेक्षा जताई कि वे मरीजों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करेंगे।
इस अवसर पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अरुणराज ने कहा कि स्वास्थ्य निरीक्षक समाज को संक्रामक एवं अन्य बीमारियों से सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले अधिकांश मरीज आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से होते हैं, जो सरकार पर विश्वास करके इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में डॉक्टरों और स्वास्थ्य निरीक्षकों की जिम्मेदारी केवल चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके व्यवहार और संवेदनशीलता से भी लोगों का विश्वास मजबूत होता है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि गरीब और जरूरतमंद मरीजों के प्रति अपनापन, सहानुभूति और सम्मान का भाव ही सरकार की सबसे बड़ी पहचान है। स्वास्थ्य कर्मियों को अपने दायित्वों का निर्वहन सेवा भावना, ईमानदारी और समर्पण के साथ करना चाहिए, ताकि प्रत्येक नागरिक को सम्मानजनक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि 'नलम टीएन' संस्था के माध्यम से स्वास्थ्य क्षेत्र के विकास में समाज की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि कॉर्पोरेट कंपनियों, उद्योग समूहों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम नागरिकों को भी सरकारी अस्पतालों के विकास में योगदान देने का अवसर मिलेगा। इसके लिए विकसित की गई 'नलम टीएन' वेबसाइट के माध्यम से पूरी दान प्रक्रिया पारदर्शी और जवाबदेह रहेगी, जिससे प्रत्येक योगदान का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के लिए सुनिश्चित किया जा सकेगा।
उन्होंने लोगों से अपील की कि विवाह, जन्मदिन, वर्षगांठ तथा अन्य शुभ अवसरों पर सरकारी अस्पतालों के विकास के लिए 'नलम टीएन' संस्था के माध्यम से आर्थिक सहयोग करें। उनका कहना था कि जनभागीदारी से सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक सशक्त होगी तथा राज्य के प्रत्येक नागरिक तक बेहतर, सुलभ और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने का लक्ष्य तेजी से पूरा किया जा सकेगा।-------------
हिन्दुस्थान समाचार / Dr. Vara Prasada Rao PV