
नई दिल्ली, 15 जुलाई (हि.स.)। इंजीनियरिंग फैब्रिक्स और एयरोस्पेस एवं डिफेंस सॉल्यूशंस का निर्माण करने वाली कंपनी कुसुमगर लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में मजबूती के साथ एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 419 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 36.99 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 574 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग 35.80 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 569 रुपये के स्तर पर हुई।
लिस्टिंग के बाद लिवाली के सपोर्ट से ये शेयर बीएसई पर 631.35 रुपये और एनएसई पर 625.90 रुपये के अपर सर्किट लेवल तक पहुंच गया। हालांकि थोड़ी देर बाद ही बिकवाली शुरू हो जाने के कारण शेयर का अपर सर्किट ब्रेक हो गया। दोपहर 12:30 बजे तक का कारोबार होने के बाद ये शेयर बीएसई पर 606.50 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर 606.60 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। इस तरह अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को लगभग 45 प्रतिशत का फायदा हो गया है।
इस कंपनी का 650 करोड़ रुपये का आईपीओ आठ से दस जुलाई के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 135.80 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 299.51 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 174.28 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 27.97 गुना सब्सक्राइब हुआ था। वहीं एंप्लॉयीज के लिए रिजर्व पोर्शन में 11.09 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इस आईपीओ के तहत कोई नया शेयर जारी नहीं किया गया है। इसमें एक रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 1,55,21,698 शेयर शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये जारी किए गए हैं।
कुसुमगर लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में उतार चढ़ाव होता रहा है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 84.40 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 111.99 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ घट कर 98.20 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 474.55 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 790.21 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। हालांकि पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में गिरावट आई। इस साल कंपनी को 711.78 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो सका।
कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी इस दौरान उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 76.53 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 246.50 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अगले साल यानी पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ मामूली गिरावट के साथ 223.58 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस अवधि में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 138.37 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 247.60 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस उछल कर 491.05 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।
इस दौरान कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 140.36 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़कर 257.75 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में भी कंपनी के नेटवर्थ ने जोरदार छलांग लगाई। इस वित्त वर्ष के अंत तक कंपनी का नेटवर्थ उछल कर 502.95 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह कंपनी की ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 131.85 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो 2024-25 में बढ़ कर 188.39 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गई। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक कंपनी की ईबीआईटीडीए मामूली गिरावट के साथ 187.85 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई थी।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक