ईशा ग्रामोत्सव में अब उत्तर भारत के राज्यों में भी होगा आयोजित

युगवार्ता    15-Jul-2026
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कॉन्सटीट्यूशन क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में ग्रामोत्सव के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर स्वामी पुलका


नई दिल्ली, 15 जुलाई (हि.स.)। ईशा ग्रामोत्सव, अब उत्तर भारत के गांवों में भी होने जा रहा है। दक्षिण भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में लोकप्रिय यह खेल टूर्नामेंट पहली बार उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, और महाराष्ट्र में भी आयोजित किया जाएगा। 10 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश की भागीदारी के साथ इसका 18वां संस्करण अब तक का सबसे बड़ा आयोजन होगा। इनके साथ ओडिशा, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी भी इसमें भाग लेंगे।

कॉन्सटीट्यूशन क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में ग्रामोत्सव के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर स्वामी पुलका ने

बताया कि इस बार के टूर्नामेंट में लगभग 40,000 गावों से 80,000 लोग, 7000 टीमों के माध्यम से हिस्सा लेंगे। इसमें लगभग करीब 15,000 महिला खिलाड़ी शामिल हैं

टूर्नामेंट में ग्रैंड फिनाले की विजेता वॉलीबॉल और थ्रोबॉल टीमों को 5-5 लाख रुपये का पुरस्कार मिलेगा, जबकि उपविजेता टीमों को 3-3 लाख रुपये दिए जाएंगे। तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों को क्रमशः 01 लाख और 50,000 रुपये की पुरस्कार राशि मिलेगी। क्लस्टर और डिवीजनल चरणों में भी नकद पुरस्कार दिए जाएंगे तथा पैरालंपिक श्रेणी के लिए विशेष पुरस्कार निर्धारित किए गए हैं। इस टूर्नामेंट में एक करोड़ रुपये से ज़्यादा की पुरस्कार राशि रखी गई है, जिससे ग्रामीण खिलाड़ियों को अच्छी पहचान मिल सकेगी।

प्रतिभागी वॉलीबॉल (पुरुष) और थ्रोबॉल (महिला) प्रतियोगिताओं के लिए पंजीकरण कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता बहु-स्तरीय प्रारूप में आयोजित होगी, जिसमें क्लस्टर-स्तरीय मुकाबले, डिवीजनल चरण और ग्रैंड फिनाले शामिल हैं। क्लस्टर मैच जुलाई के दूसरे सप्ताह से शुरू होंगे, जबकि ग्रैंड फिनाले 6 सितंबर को कोयंबटूर स्थित ईशा योग केंद्र में आयोजित होगा।

उत्तर प्रदेश में, क्लस्टर-स्तरीय मुकाबले पांच स्थानों पर आयोजित होंगे। पहला चरण 25-26 जुलाई को लखनऊ, वाराणसी, मुजफ्फरनगर और मेरठ में होगा, जिसके बाद 1-2 अगस्त को गौतम बुद्ध नगर में डिवीजनल चरण के मैच होंगे।

हरियाणा में, क्लस्टर-स्तरीय मुकाबले 25 और 26 जुलाई को पानीपत, करनाल और अंबाला में होंगे। क्लस्टर मैचों का अगला चरण 1 और 2 अगस्त को हिसार और कुरुक्षेत्र में आयोजित होगा। डिवीजनल चरण 9 अगस्त को करनाल में निर्धारित है, जिसमें डिवीजन के सभी जिलों की टीमें शामिल होंगी।

देवरायापुरम गांव की पीजी पुदुर टीम की कप्तान और 36 वर्षीय थ्रोबॉल खिलाड़ी नंदिनी दुरईसामी ने कहा कि “ग्रामोत्सव से पहले ग्रामीण महिलाओं के लिए खेल खेलने के अवसर बहुत कम थे। अधिकांश महिलाएं घर से बाहर भी नहीं निकलती थीं। ईशा ग्रामोत्सव के माध्यम से कई महिलाओं को बाहर निकलने, खेलने और अपनी प्रतिभा दिखाने का आत्मविश्वास मिला है। मेरी सबसे बड़ी चुनौती अभ्यास के लिए प्रतिदिन लगभग 120 किलोमीटर यात्रा करना था। प्रशिक्षण के लिए बाहर रहने के दौरान मेरे पति ने मेरी बेटी और परिवार की देखभाल की। ईशा ने परिवहन, भोजन, गेंदें, नेट और कोच उपलब्ध कराकर हमारा सहयोग किया, जिससे बहुत बड़ा अंतर आया।”

उल्लेखनीय है कि ईशा ग्रामोत्सव को भारत सरकार के युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन संगठन के रूप में मान्यता प्राप्त है और यह भारत की ग्रामीण खेल प्रतिभाओं के लिए एक अद्वितीय मंच उपलब्ध कराता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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