
बेंगलुरु, 16 जुलाई (हि.स.)। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'वन नेशन, वन टाइम' पहल को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो), वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद की राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला (सीएसआईआर-एनपीएल) तथा उपभोक्ता मामले विभाग के बीच मजबूत समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह पहल देश में सटीक, सुरक्षित, स्थिर और पूर्णतः स्वदेशी समय प्रणाली स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगी।
गुरुवार को बेंगलुरु स्थित इसरो केंद्र के दौरे के बाद पत्रकारों से बातचीत में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इसरो भारत की वैज्ञानिक क्षमता, तकनीकी उत्कृष्टता और नवाचार का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि देश में स्वदेशी समय प्रसारण प्रणाली विकसित करने के लिए इसरो द्वारा किए जा रहे प्रयास भारत को तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे। उन्होंने इसे देश के वैज्ञानिक समुदाय के लिए गर्व का विषय बताया।
प्रह्लाद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में इसरो लगातार अत्याधुनिक तकनीकों का विकास कर रहा है और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में अंतरिक्ष विज्ञान और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा इसरो इस दिशा में अग्रणी संस्थान के रूप में कार्य कर रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि प्रिसिजन टाइम प्रोटोकॉल (पीटीपी) तकनीक का उपयोग करते हुए बेंगलुरु स्थित रीजनल रेफरेंस स्टैंडर्ड लेबोरेटरी (आरआरएसएल) और चेन्नई स्थित नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के बीच सफल प्रूफ-ऑफ-कॉन्सेप्ट (पीओसी) का प्रदर्शन देश की समय समन्वय प्रणाली के विकास की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। इससे भविष्य में स्वदेशी, विश्वसनीय और अत्यंत सटीक राष्ट्रीय समय प्रणाली स्थापित करने का मार्ग और अधिक मजबूत होगा।
उन्होंने कहा कि 'वन नेशन, वन टाइम' पहल लागू होने के बाद बैंकिंग, दूरसंचार, बिजली, रक्षा, परिवहन, शेयर बाजार और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों को एक समान एवं अत्यंत सटीक समय प्रणाली उपलब्ध होगी। इससे डिजिटल बुनियादी ढांचे की विश्वसनीयता बढ़ेगी, साइबर सुरक्षा को मजबूती मिलेगी, विभिन्न संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा तथा राष्ट्रीय सुरक्षा और तकनीकी आत्मनिर्भरता को भी नया बल मिलेगा।
मंत्री ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आगे बढ़ाने में योगदान देने वाले उपभोक्ता मामले विभाग, सीएसआईआर-एनपीएल और इसरो के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों तथा तकनीकी विशेषज्ञों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों की मेहनत और समर्पण के कारण भारत आज वैश्विक स्तर पर विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है।
इसरो की यात्रा के दौरान केंद्रीय मंत्री ने वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के साथ विस्तृत संवाद भी किया। उन्होंने कहा कि भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की उपलब्धियों ने विश्व मंच पर देश की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। इसरो के वैज्ञानिकों का समर्पण, अनुशासन और नवाचार युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
प्रह्लाद जोशी ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में इसरो नई तकनीकों और अंतरिक्ष अभियानों के माध्यम से देश को और अधिक गौरवान्वित करेगा। उन्होंने कहा कि भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम केवल राष्ट्रीय विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय को भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है और विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में इसकी भूमिका निर्णायक रहेगी।---------------
हिन्दुस्थान समाचार / राकेश एम.बी.