पूसीरे के पुनर्विकसित तीन रेलवे स्टेशनों का 17 जुलाई को प्रधानमंत्री करेंगे उद्घाटन

युगवार्ता    16-Jul-2026
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असमः पूसीरे द्वारा पुनर्विकसित रेलवे स्टेशन एवं स्टेशन परिसर की तस्वीर।


गुवाहाटी, 16 जुलाई (हि.स)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 जुलाई को असम के पुनर्विकसित माजबाट रेलवे स्टेशन तथा पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी रोड एवं हल्दीबाड़ी रेलवे स्टेशनों का वर्चुअली उद्घाटन करेंगे। यह इन राज्यों और पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक अवसर होगा। यह कार्यक्रम अमृत भारत स्टेशन योजना (एबीएसएस) के राष्ट्रीय स्तर पर लागू होने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जिसके अंतर्गत आज इन तीन स्टेशनों सहित देशभर में पुनर्विकसित 75 रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन किया जा रहा है।

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) के सीपीआरओ कपिंजल किशोर शर्मा ने आज बताया है कि असम में इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत चिन्हित 50 रेलवे स्टेशनों में से हयबरगांव के बाद माजबाट रेलवे स्टेशन उद्घाटन होने वाला दूसरा स्टेशन होगा। देशभर में पुनर्विकसित 75 रेलवे स्टेशनों के उद्घाटन कार्यक्रम के तहत लगभग 10.19 करोड़ रुपये की लागत से विकसित माजबाट, 34.80 करोड़ रुपये की लागत से विकसित जलपाईगुड़ी रोड तथा लगभग 26 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हल्दीबाड़ी रेलवे स्टेशन इस क्षेत्र में रेलवे अवसंरचना के विकास के एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक हैं।

अन्य उद्घाटन कार्यक्रमों की तुलना में यह अवसर इसलिए भी विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह आधुनिक कनेक्टिविटी के माध्यम से आधारभूत अवसंरचना के विकास तथा क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करने के प्रति प्रधानमंत्री की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) के इन तीनों स्टेशनों का पुनर्विकास केवल तकनीकी एवं स्थापत्य दृष्टि से उन्नयन का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह पूर्वोत्तर भारत को तेजी से बढ़ रही राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की सरकार की स्पष्ट इच्छाशक्ति को भी प्रदर्शित करता है। यह पूसीरे के साथ-साथ असम एवं पश्चिम बंगाल के लिए भी गर्व का विषय है कि दोनों राज्य भारतीय रेल की सबसे महत्वाकांक्षी स्टेशन पुनर्विकास परियोजनाओं में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं।

अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत उद्घाटन हेतु चयनित माजबाट, जलपाईगुड़ी रोड एवं हल्दीबाड़ी रेलवे स्टेशन इसकी रणनीतिक महत्ता तथा यात्री-केंद्रित आधुनिकीकरण की स्पष्ट सोच के साथ परियोजना के सफल क्रियान्वयन को दर्शाते हैं। आधुनिक यात्री सुविधाओं, बेहतर सुगम्यता तथा स्थानीय सांस्कृतिक विरासत को प्रतिबिंबित करने वाले सौंदर्यपूर्ण स्वरूप से सुसज्जित ये स्टेशन भविष्य में पुनर्विकास हेतु चयनित पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के अन्य स्टेशनों के लिए भी एक आदर्श स्थापित करेंगे। प्रधानमंत्री द्वारा आधुनिक रेल यात्रा के इन नए प्रवेश द्वारों का उद्घाटन केवल रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन नहीं, बल्कि असम, पश्चिम बंगाल तथा सम्पूर्ण पूर्वोत्तर के लोगों के लिए प्रगति, गौरव और उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

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