
नई दिल्ली, 16 जुलाई (हि.स.)। हॉकी इंडिया ने देशभर में कोचों और तकनीकी अधिकारियों के कौशल विकास के लिए 18 जुलाई से कोचिंग एवं ऑफिशिएटिंग एजुकेशन पाथवे कार्यशालाएं आयोजित करने की घोषणा की है। इनका उद्देश्य आधुनिक कोचिंग तकनीकों, तकनीकी ज्ञान और अंतरराष्ट्रीय स्तर के ऑफिशिएटिंग मानकों से प्रतिभागियों को परिचित कराना है।
हॉकी इंडिया के अनुसार कोचों और तकनीकी अधिकारियों के लिए अलग-अलग कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इन सत्रों का संचालन अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) के शिक्षकों और विशेषज्ञों द्वारा किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य देशभर में योग्य कोचों और तकनीकी अधिकारियों का मजबूत नेटवर्क तैयार करना है, ताकि खिलाड़ियों के साथ-साथ कोचों और अधिकारियों को भी उच्च गुणवत्ता वाली हॉकी शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।
हॉकी इंडिया का मानना है कि खेल के समग्र विकास के लिए खिलाड़ियों के साथ-साथ प्रशिक्षकों और तकनीकी अधिकारियों का लगातार प्रशिक्षण भी बेहद जरूरी है। इसी सोच के तहत यह कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है, जिससे देशभर में हॉकी शिक्षा को अधिक व्यवस्थित और सुलभ बनाया जा सके।
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष डॉ. दिलीप तिर्की ने कहा, भारतीय हॉकी का विकास केवल खिलाड़ियों पर ही नहीं, बल्कि हमारे कोचों और तकनीकी अधिकारियों की गुणवत्ता पर भी निर्भर करता है। इन कार्यशालाओं के माध्यम से हम ऐसी मजबूत शिक्षा प्रणाली तैयार करना चाहते हैं, जो देश के हर हिस्से तक पहुंचे। एफआईएच के विशेषज्ञों की मौजूदगी से आधुनिक कोचिंग और ऑफिशिएटिंग के मानकों को सभी तक पहुंचाने में मदद मिलेगी और इससे भारतीय हॉकी की नींव और मजबूत होगी।
हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने कहा, हॉकी इंडिया का मानना है कि खेल के दीर्घकालिक विकास के लिए निरंतर शिक्षा बेहद आवश्यक है। ये कोचिंग और ऑफिशिएटिंग एजुकेशन पाथवे कार्यशालाएं नए और अनुभवी दोनों तरह के कोचों तथा तकनीकी अधिकारियों के लिए सीखने का महत्वपूर्ण अवसर साबित होंगी। देशभर में इनका आयोजन कर हम एक अधिक समावेशी और व्यवस्थित व्यवस्था तैयार कर रहे हैं, जो भारतीय हॉकी के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे