

नई दिल्ली, 18 जुलाई (हि.स.)। वर्ष 2024 के लिए 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। ये प्रतिष्ठित पुरस्कार भारतीय सिनेमा में फीचर फिल्म, गैर-फीचर फिल्म और सिनेमा लेखन के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान को सम्मानित करने के लिए प्रदान किए जाते हैं।
इस वर्ष ‘आर्टिकल 370’ ने सबसे बड़ा सम्मान हासिल करते हुए सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार अपने नाम किया। फिल्म की निर्माता जियो स्टूडियोज और बी62 स्टूडियोज़ हैं, जबकि इसका निर्देशन आदित्य सुहास जंभाले ने किया है।
नेशनल मीडिया सेंटर में आयोजित पत्रकार वार्ता में फीचर फिल्म की श्रेणी के चयन कमेटी के अध्यक्ष जयराज ने बताया कि अभिनय श्रेणी में ममूटी को मलयालम फिल्म ‘ब्रमायुगम’ और कार्तिक आर्यन को हिंदी फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ के लिए संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (मुख्य भूमिका) का पुरस्कार दिया गया। वहीं यामी गौतम को ‘आर्टिकल 370’ में उनके दमदार अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री (मुख्य भूमिका) का सम्मान मिला।
निर्देशन के क्षेत्र में रणदीप हुड्डा ने अपनी पहली निर्देशित फिल्म ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ के लिए सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक का पुरस्कार जीतकर शानदार शुरुआत की।
वहीं, तमिल फिल्म ‘अमरन’ के लिए राजकुमार पेरियासामी को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक चुना गया।
मनोरंजन और तकनीकी उत्कृष्टता की श्रेणियों में भी कई चर्चित फिल्मों ने बाज़ी मारी। ‘कल्कि 2898 एडी’ को सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय मनोरंजक फिल्म का पुरस्कार मिला, जबकि इसी फिल्म ने सर्वश्रेष्ठ प्रोडक्शन डिजाइन का सम्मान भी जीता। ‘पुष्पा: द रूल पार्ट-2’ को सर्वश्रेष्ठ मौलिक पटकथा और सर्वश्रेष्ठ कॉस्ट्यूम डिजाइन का पुरस्कार मिला। ‘भूल भुलैया 3’ को सर्वश्रेष्ठ साउंड डिजाइन, ‘स्त्री 2’ को गीत ‘आज की रात’ के लिए सर्वश्रेष्ठ कोरियोग्राफी, और ‘महाराजा’ को सर्वश्रेष्ठ एक्शन निर्देशन का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
अन्य प्रमुख पुरस्कारों में ‘कैप्टन मिलर’ को राष्ट्रीय, सामाजिक एवं पर्यावरणीय मूल्यों को बढ़ावा देने वाली सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का सम्मान मिला, जबकि ‘35 – चिन्ना कथा काडु’ को सर्वश्रेष्ठ बाल फिल्म चुना गया।
सहायक अभिनय श्रेणी में ‘भक्षक’ के लिए संजय मिश्रा को सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का पुरस्कार मिला। ‘महाराजा’ की सचाना नामीदास और ‘मिथ्या’ की रोपाश्री वरकडी ने संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का सम्मान प्राप्त किया। ‘मिथ्या’, ‘35 – चिन्ना कथा काडु’ और ‘ओन्को की कठिन’ के बाल कलाकारों को सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार का पुरस्कार दिया जाएगा।
संगीत श्रेणी में ‘आर्टिकल 370’ के लिए शाश्वत सचदेव को सर्वश्रेष्ठ गीत संगीत निर्देशन, जबकि ‘अमरन’ के लिए जी. वी. प्रकाश कुमार को सर्वश्रेष्ठ बैकग्राउंड संगीत निर्देशन का पुरस्कार मिला। ‘मैदान’ के गीत ‘जाने दो’ के लिए मनोज मुंतशिर को सर्वश्रेष्ठ गीतकार चुना गया।
गैर-फीचर फिल्म श्रेणी में ‘भंगार’ को सर्वश्रेष्ठ गैर-फीचर फिल्म, ‘राम-नामी’ को सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री, ‘अंगेन’ को सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक, और ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी – एकता का प्रतीक’ के लिए आनंद एल. राय को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार मिला।
सिनेमा लेखन श्रेणी में ‘नानिरुवुदे निमगागी नाडिरुवुदे ननगागी: कन्नड़ सिनेमा का दर्शन और राजनीति’ को सर्वश्रेष्ठ पुस्तक का पुरस्कार मिला, जबकि संजीव श्रीवास्तव को सर्वश्रेष्ठ फिल्म समीक्षक चुना गया।
पुरस्कारों की घोषणा फीचर फिल्म जूरी के अध्यक्ष जयराज, गैर-फीचर फिल्म जूरी के अध्यक्ष असीम सिन्हा और सिनेमा लेखन जूरी के अध्यक्ष ए. चंद्रशेखर ने नई दिल्ली में की। इस अवसर पर संयुक्त सचिव (फिल्म्स) डॉ. अजय नागभूषण एम.एन. तथा प्रेस सूचना ब्यूरो के प्रधान महानिदेशक धीरेंद्र ओझा भी उपस्थित रहे।
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 2024 के फीचर फिल्म की श्रेणी में विजेताओं के नाम ----
सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म – आर्टिकल 370 (निर्देशक: आदित्य सुहास जंभाले)
सर्वश्रेष्ठ प्रथम फिल्म (निर्देशक) – स्वातंत्र्य वीर सावरकर (निर्देशक: रणदीप हुड्डा)
संपूर्ण मनोरंजन प्रदान करने वाली सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म – कल्कि 2898 एडी (निर्देशक: नाग अश्विन)
राष्ट्रीय, सामाजिक एवं पर्यावरणीय मूल्यों को बढ़ावा देने वाली सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म – कैप्टन मिलर (निर्देशक: अरुण माथेश्वरन)
सर्वश्रेष्ठ बाल फिल्म – 35- चिन्ना कथा काडु (निर्देशक: नंदा किशोर इमानी)
सर्वश्रेष्ठ निर्देशन – अमरन (राजकुमार पेरियासामी)
सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (मुख्य भूमिका) – ममूटी (ब्रमायुगम) एवं कार्तिक आर्यन (चंदू चैंपियन)
सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री (मुख्य भूमिका) – यामी गौतम (आर्टिकल 370)
सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता – संजय मिश्रा (भक्षक)
सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री – सचाना नमीदास (महाराजा) एवं रूपाश्री वारकडी (मिथ्या)
सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार – अथिष एस. शेट्टी (मिथ्या), अरुंदेव पोथुला (35- चिन्ना कथा काडु) एवं ऋद्धिमान बनर्जी (ओंको की कोठिन)
सर्वश्रेष्ठ पुरुष पार्श्वगायक – अभय जोधपुरकर (घरात गणपति – गीत: नवसाची गौरी माझी)
सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्वगायिका – वैकोम विजयलक्ष्मी (ए.आर.एम. – गीत: अंगु वाना कोनिलु)
सर्वश्रेष्ठ छायांकन – शेहनाद जलाल (ब्रमायुगम)
सर्वश्रेष्ठ पटकथा (मौलिक) – बंद्रेड्डी सुकुमार (पुष्पा: द रूल पार्ट-2)
सर्वश्रेष्ठ पटकथा (रूपांतरित) – योगेश देशपांडे (स्वर्गंधर्व सुधीर फड़के)
सर्वश्रेष्ठ संवाद – वेंकी अटलुरी (लकी भास्कर)
सर्वश्रेष्ठ ध्वनि डिज़ाइन – मानस चौधरी (भूल भुलैया 3)
सर्वश्रेष्ठ संपादन – आर. कलैवन्नन (अमरन)
सर्वश्रेष्ठ प्रोडक्शन डिज़ाइन – नितिन जिहानी चौधरी (कल्कि 2898 एडी)
सर्वश्रेष्ठ वेशभूषा डिज़ाइन – दीपाली नूर एवं शीतल शर्मा (पुष्पा: द रूल पार्ट-2)
सर्वश्रेष्ठ मेकअप – पी. रवि कुमार (कमेटी कुर्रोल्लु)
सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन (गीत) – शाश्वत सचदेव (आर्टिकल 370)
सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन (पार्श्व संगीत) – जी. वी. प्रकाश कुमार (अमरन)
सर्वश्रेष्ठ गीत – मनोज मुंतशिर (मैदान – गीत: जाने दो)
सर्वश्रेष्ठ कोरियोग्राफी – विजय गांगुली (स्त्री 2 – गीत: आज की रात)
सर्वश्रेष्ठ एक्शन निर्देशन – अनल अरासु (महाराजा)
भाषा आधारित सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्में
असमिया – जुईफूल (जदुमोनी दत्ता)
बांग्ला – चलचित्र एखोन (अंजन दत्त)
गुजराती – मारण (अभिषेक जैन)
हिन्दी – श्रीकांत (निर्देशक: तुषार हीरानंदानी)
कन्नड़ – मिथ्या (सुमंत भट)
कोंकणी – मोग आसुम (राधेश्याम पिपलवा एवं एग्नेलो एंजेलो ब्रागांज़ा)
मलयालम – फेमिनिची फातिमा (फासिल मुहम्मद)
मणिपुरी – सुनीता (युमनाम अजीत सिंह)
मराठी – मुक्काम पोस्ट बॉम्बिलवाड़ी (परेश मोकाशी)
ओड़िया – लहरी (अमर्त्य भट्टाचार्य)
तमिल – रायन (धनुष)
तेलुगु – कमेटी कुर्रोल्लु (यदु वामसी)
अनुसूची-8 से बाहर की भाषाओं की सर्वश्रेष्ठ फिल्में
गढ़वाली – ढोली (दिनेश पी. भोंसले)
तुलु – इम्बु (शिवध्वज शेट्टी)
विशेष उल्लेख
विशेष उल्लेख – धनुष (कैप्टन मिलर)
विशेष उल्लेख – सुरेन जी. (मेयाझगन – साउंड मिक्स इंजीनियर)
गैर-फीचर फिल्म श्रेणी के विजेताओं के नाम
सर्वश्रेष्ठ गैर-फीचर फिल्म – भंगार (निर्देशक: सुमिरा रॉय)
सर्वश्रेष्ठ प्रथम फिल्म (निर्देशक) – अंगेन (रवि राज मुर्मू)
सर्वश्रेष्ठ जीवनी/ऐतिहासिक पुनर्निर्माण/संकलन फिल्म – काकोरी (निर्देशक: कमलेश के. मिश्रा)
सर्वश्रेष्ठ कला एवं संस्कृति फिल्म – मैं निदा (निर्देशक: अतुल पांडे)
सर्वश्रेष्ठ वृत्तचित्र (डॉक्यूमेंट्री) – राम-नामी (निर्देशक: भारतबाला गणपति)
सामाजिक एवं पर्यावरणीय मूल्यों को बढ़ावा देने वाली सर्वश्रेष्ठ गैर-फीचर फिल्म – पिपलंत्री: ए टेल ऑफ इको फेमिनिज्म (निर्देशक: सूरज कुमार)
सर्वश्रेष्ठ एनिमेशन फिल्म – टच्ड ऐज़ वॉटर (निर्देशक एवं एनिमेटर: जोशी बेनेडिक्ट)
30 मिनट तक की सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म – हमसफर (निर्देशक: अभिजीत अरविंद दलवी)
सर्वश्रेष्ठ निर्देशन – स्टैच्यू ऑफ यूनिटी: एकता का प्रतीक (आनंद एल. राय)
सर्वश्रेष्ठ छायांकन – एडमंड रैनसन (लाइफ इन लूम)
सर्वश्रेष्ठ ध्वनि डिज़ाइन – टी. एस. हरि हरा सुधन (ब्लू)
सर्वश्रेष्ठ संपादन – मनवीर जसरोटिया (एनडीए)
सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन – शिवपाल सिंह कांग (परत 41°च्या मागावर (ऑन द ट्रेल ऑफ 41°))
सर्वश्रेष्ठ वॉयस ओवर/नरेशन – सौंदर्या जयचंद्रन (लिटिल प्लैनेट: ए टेल ऑफ फ्रॉग्स)
सर्वश्रेष्ठ पटकथा – फराज़ अली (ओबुर)
विशेष उल्लेख
विशेष उल्लेख – भद्र-काली नाटकम (निर्देशक: आनंद ज्योति/जोस एंटनी)
विशेष उल्लेख – चोला डोरा और सुई (निर्देशक: जयमिन मोदी एवं लोकेश घई)
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी