राजौरी में अचानक आई बाढ़ से भारी तबाही, महिला की मौत, इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान, उपराज्यपाल ने हालात का जायजा लिया

युगवार्ता    19-Jul-2026
Total Views |

जम्मू, 19 जुलाई (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में रातभर हुई भारी बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ ने रविवार को भारी तबाही मचाई जिससे सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़ा नुकसान पहुंचा, कई गाड़ियां बह गईं और निचले इलाके पानी में डूब गए। राहत दल ने बाढ़ में लापता हुई एक महिला का शव बरामद किया है। जानमाल के और भी नुकसान की आशंका है। खराब मौसम को देखते हुए पड़ोसी रियासी जिले में श्री शिव खोरी यात्रा रोक दी गई।

रातभर हुई भारी बारिश के कारण नदियों और नालों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी हुई जिससे राजौरी शहर से बहने वाली दरहाली नदी खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी और रिहायशी व व्यावसायिक इलाकों में पानी भर गया। अधिकारियों ने बताया कि अचानक आई बाढ़ से बेला में हाल ही में बने बस स्टैंड को भारी नुकसान पहुंचा, जहां तेज कई खड़ी गाड़ियां बहाव में बह गईं। नगरपालिका के इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ कई रिहायशी और व्यावसायिक इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है।

अधिकारियों ने बताया कि अचानक आई बाढ़ में लापता हुई एक महिला का शव बचाव अभियान के दौरान बरामद किया गया।

जिला प्रशासन ने बचाव और राहत अभियान शुरू करते हुए खतरे वाले इलाकों में रहने वाले दर्जनों परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। पूरे जिले में हाई अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में राजौरी और रियासी ज़िलों में 100 मिमी से ज़्यादा बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में जम्मू क्षेत्र में भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ जगहों पर बहुत ज़्यादा बारिश होने का अनुमान लगाया

इस बीच, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से बात की और राजौरी व पुंछ में बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। एक्स पोस्ट में उपराज्यपाल ने कहा, मैंने वरिष्ठ अधिकारियों से बात की और लगातार बारिश और अचानक आई बाढ़ से प्रभावित राजौरी और पुंछ में स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राजौरी में नागरिक प्रशासन, पुलिस, सेना, एसडीआरएफ, स्थानीय स्वयंसेवकों की बचाव टीमें ज़मीनी स्तर पर सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। प्रभावित परिवारों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। सभी विभाग हाई अलर्ट पर हैं और वे तत्काल राहत और मरम्मत के काम को प्राथमिकता दे रहे हैं।

एक्स पोस्ट में कहा गया है कि राजौरी और पुंछ के हवेली और सुरनकोट इलाकों में हुई मौतों से मुझे गहरा दुख हुआ है। मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। भारी बारिश से राजौरी और पुंछ में कई घरों को भी नुकसान पहुंचा है। मैंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे दोनों जिलों में प्रभावित सभी परिवारों को तुरंत मदद पहुंचाएं और यह सुनिश्चित करें कि आपातकालीन टीमें किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहें।

इस बीच जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि वह रविवार सुबह से ही स्थिति पर बारीकी से नज़र रखे हुए हैं और स्थानीय विधायकों तथा नागरिक प्रशासन के लगातार संपर्क में हैं।

मुख्यमंत्री ने एक्स पोस्ट में कहा, “प्रशासन की पहली प्राथमिकता कीमती जानों को बचाना है। सरकार उन प्रभावित लोगों की मदद और सहायता के लिए हरसंभव प्रयास करेगी, जिनकी संपत्ति को बारिश और अचानक आई बाढ़ के कारण नुकसान पहुँचा है।”

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वे दिल्ली का अपना दौरा छोटा करके जम्मू लौटेंगे ताकि स्थिति पर व्यक्तिगत रूप से नज़र रख सकें।

उन्होंने एक्स पर एक अन्य पोस्ट में कहा कि मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी और जम्मू डिवीज़न के कुछ हिस्सों में बन रही गंभीर स्थिति को देखते हुए मैं आज दोपहर दिल्ली से जम्मू के लिए उड़ान भरूँगा ताकि ज़मीनी स्थिति पर व्यक्तिगत रूप से नज़र रख सकूँ। राज्य का दर्जा बहाल करने का विरोध प्रदर्शन योजना के अनुसार अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला के नेतृत्व में जारी रहेगा।

इस बीच जम्मू के डिविज़नल कमिश्नर ने भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा भारी बारिश के पूर्वानुमान और मंदिर के बेस कैंप, रानसू में खराब मौसम की स्थिति को देखते हुए रियासी ज़िले में श्री शिव खोरी यात्रा को अस्थायी रूप से रोकने का आदेश दिया।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

Tags