
कुआलालंपुर, 19 जुलाई (हि.स.)। भारतीय पहलवान से एमएमए फाइटर बने संग्राम सिंह ने इतिहास रचते हुए एशियन एमएमए चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बनने का गौरव हासिल किया। उन्होंने फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान के मोहम्मद आबिद अली को महज 1 मिनट 20 सेकेंड में हराकर चैंपियनशिप अपने नाम कर ली।
यह एमएमए में संग्राम सिंह की लगातार चौथी जीत और किसी पाकिस्तानी प्रतिद्वंद्वी पर दूसरी जीत रही। इस जीत के साथ उन्होंने अपने अपराजेय रिकॉर्ड को भी कायम रखा।
खिताब जीतने के बाद संग्राम सिंह ने अपनी जीत 140 करोड़ भारतीयों को समर्पित करते हुए कहा कि उनका हर मुकाबले में एक ही लक्ष्य रहता है—भारत का तिरंगा ऊंचा रखना। उन्होंने कहा कि एक बार फिर देश के लिए यह उपलब्धि हासिल कर उन्हें बेहद गर्व महसूस हो रहा है।
संग्राम के कोच भूपेश कुमार ने बताया कि आबिद अली लंबी कद-काठी और तेज पंचों वाले फाइटर हैं। मुकाबले की शुरुआत में उन्होंने आक्रामक अंदाज में हमला किया और एक पंच संग्राम की आंख के पास भी लगा। इसके बावजूद संग्राम ने धैर्य बनाए रखा और जल्दबाजी नहीं दिखाई।
करीब 30वें सेकंड में संग्राम ने अपनी कुश्ती की तकनीक का शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रतिद्वंद्वी के पैर पर हमला किया और एंकल होल्ड लगा दिया। इसके बाद उन्होंने आबिद को केज के किनारे से खींचकर अंदर लाया और उसी स्थिति से चोक लगाकर सबमिशन हासिल कर लिया। आबिद के पास इसका कोई जवाब नहीं था और उन्हें हार स्वीकार करनी पड़ी।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय