
अहमदाबाद, 23 जुलाई (हि.स.)। गुजरात के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वलसाड जिले के उमरगाम में पिछले 24 घंटे में करीब 36 इंच बारिश दर्ज होने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। शहर की कई सड़कें जलमग्न हो गई हैं और फंसे लोगों को नावों के जरिए सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। इस बीच मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य में भारी बारिश की स्थिति को लेकर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से बातचीत की।
भूपेंद्र पटेल ने सोशल मीडिया एक्स पर बताया कि राज्य में अत्यधिक भारी बारिश की स्थिति को देखते हुए नागरिकों की सुरक्षा, राहत व बचाव कार्यों के संबंध में केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह के साथ चर्चा की है। इस स्थिति से निपटने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री ने गुजरात को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। प्रशासन नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और आश्रय देने, तथा पशुधन की सुरक्षा के लिए लगातार काम कर रहा है। नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री पटेल ने गांधीनगर स्थित राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र पहुंचे। उन्होंने दक्षिण गुजरात में भारी बारिश से पैदा हुए हालात का जायजा लिया। वलसाड जिले के हालात के बारे में मंत्री नरेश पटेल और कलेक्टर से मोबाइल पर बात की और बचाव व राहत कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राष्ट्रीय आपदा मोचन बल ( एनडीआरएफ) टीमें भेजने का भी भरोसा दिलाया। इसके अलावा सूरत और नवसारी के कलेक्टर से बात की और निचले व जलभराव वाले इलाकों से लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
राज्य सरकार ने जिला प्रशासन को 24 घंटे सतर्क रहने, मौसम विभाग की चेतावनियों पर लगातार नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अहमदाबाद केंद्र गुरुवार को भी गुजरात के महिसागर, पंचमहल और दाहोद में भारी से बहुत भारी बारिश का 'रेड अलर्ट' जारी किया है। इसके अलावा 11 जिलों में ऑरेंज और 10 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। सूरत में भी सुबह 4 बजे से 8 बजे के बीच 4 इंच बारिश हुई। ऊपरी क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण भेदवाड़ और सीमाड़ा खाड़ी उफान पर हैं, जबकि अन्य खाड़ियां भी खतरे के निशान के करीब बह रही हैं। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर खाड़ी किनारे रहने वाले 2,244 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया है।
वलसाड में लगातार बारिश के कारण औरंगा नदी का जलस्तर 9 मीटर के खतरनाक स्तर तक पहुंच गया। देर रात प्रशासन ने 200 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। वहीं तापी जिले में भारी बारिश के चलते व्यारा-उनाई राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज बहाव के कारण आवागमन प्रभावित हुआ।
मौसम विभाग ने आगामी दिनों में कई क्षेत्रों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की भी चेतावनी जारी की है। विभाग ने बताया है कि 24 जुलाई को भी पंचमहल, दाहोद और महीसागर में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। वहीं साबरकांठा, गांधीनगर, अरवल्ली, खेड़ा, वडोदरा, छोटाउदेपुर, नर्मदा, डांग, नवसारी, वलसाड, तापी, दमन और दादरा एवं नगर हवेली में भी अति भारी बारिश हो सकती है। अहमदाबाद, आनंद, भरूच और सूरत में भी भारी बारिश की संभावना है। इसी तरह 25 जुलाई और 26 जुलाई को भी गुजरात के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे