
नई दिल्ली, 23 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश की आईटी सॉल्यूशंस प्रोवाइडर कंपनी एक्सट्रानेट टेक्नोलॉजीज का 166.80 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 27 जुलाई तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 28 जुलाई को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 29 जुलाई को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 30 जुलाई को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं। पहले दिन दोपहर 2:30 बजे तक ये आईपीओ 61 प्रतिशत सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 120 रुपये से लेकर 127 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 110 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम 1 लॉट यानी 110 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 13,970 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर 1,95,580 रुपये के निवेश से अधिकतम 14 लॉट में 1,540 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 1,31,34,000 करोड़ नए शेयर बेचे जा रहे हैं।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 36.96 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 48.04 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए शेयर इंडिया कैपिटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।
एक्सट्रानेट टेक्नोलॉजीज की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 10.94 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 30.03 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 40.73 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 233.26 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 276.53 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 366.01 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 41.19 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 39.24 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक कंपनी पर 85.45 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ लद चुका था।
इस अवधि में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 31.71 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 87.47 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 96.40 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 38.78 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 95.49 करोड़ रुपये हो गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 136.01 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 18.86 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 47.20 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 63.18 करोड़ रुपये के स्तर पर था।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक