
विधानसभा में मंत्री अग्निमित्रा पाल ने दी जानकारी
31 जुलाई तक पूरे राज्य में शुरू होगा 'स्वच्छ' ऐप
कचरा संग्रह व्यवस्था होगी पूरी तरह डिजिटल
हर घर को मिलेगा क्यूआर कोड
कोलकाता, 24 जुलाई (हि.स.)। पश्चिम बंगाल सरकार ने शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता और ठोस कचरा प्रबंधन को पूरी तरह आधुनिक और जवाबदेह बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। शहरी विकास एवं नगर निकाय मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पाल ने शुक्रवार को विधानसभा में विभागीय बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि एक सितंबर से सार्वजनिक स्थानों पर थूकने, खुले में पेशाब करने और कचरा फैलाने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसके लिए आवश्यक नियमों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
मंत्री ने बताया कि 31 जुलाई तक पूरे राज्य में 'स्वच्छ' ऐप शुरू कर दिया जाएगा, जिसके माध्यम से नागरिक अपने क्षेत्र में सड़क किनारे या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर जमा कचरे की तस्वीर अपलोड कर शिकायत दर्ज करा सकेंगे। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने के दो घंटे के भीतर संबंधित नगर निगम या नगरपालिका को सफाई सुनिश्चित करनी होगी।
अग्निमित्रा पाल ने कहा कि राज्य सरकार शहरी क्षेत्रों में ठोस कचरा प्रबंधन को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसके तहत प्रत्येक शहरी परिवार को क्यूआर कोड उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि कचरा संग्रह करने वाले सभी वाहनों में जीपीएस ट्रैकर लगाए जाएंगे। इससे कचरा संग्रहण की पूरी प्रक्रिया की वास्तविक समय में निगरानी की जा सकेगी और सेवा की गुणवत्ता में सुधार होगा।
31 मई 2027 तक हटेंगे पुराने कचरे के ढ़ेर
मंत्री ने सदन को बताया कि शहरी क्षेत्रों में वर्षों से जमा कचरे के बड़े ढेरों के वैज्ञानिक निस्तारण का लक्ष्य 31 मई 2027 तक पूरा करने की योजना है। इससे शहरी भूमि का पुनः उपयोग संभव होगा, दुर्गंध और प्रदूषण में कमी आएगी तथा भूजल को प्रदूषण से बचाने में मदद मिलेगी।
मंदिरों के परित्यक्त फूलों से बनेंगे अगरबत्ती और अबीर
अग्निमित्रा पाल ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए मंदिरों और बाजारों से निकलने वाले फूलों से अगरबत्ती और अबीर तैयार किए जाएंगे। तालाबों से निकाली जाने वाली 50 प्रतिशत जलकुंभी का उपयोग हस्तशिल्प उत्पाद बनाने में किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्लास्टिक कचरे के प्रभावी निस्तारण के लिए विभिन्न स्थानों पर बोतल क्रशर मशीनें स्थापित की जाएंगी। इनमें इस्तेमाल की गई प्लास्टिक बोतल जमा करने वाले लोगों को निःशुल्क बैग दिए जाएंगे। एकत्रित प्लास्टिक का उपयोग वस्त्र उद्योग और सड़क निर्माण में किया जाएगा।
हर घर में वर्षा जल संचयन की तैयारी
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक घर की छत पर वर्षा जल संचयन प्रणाली अनिवार्य करने की दिशा में भी काम कर रही है। इस पानी का उपयोग शौचालय, कपड़े धोने तथा अन्य घरेलू कार्यों में किया जा सकेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि नागरिकों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए डिजिटल शिकायत प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि ऑनलाइन दर्ज शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर