
काठमांडू, 27 जुलाई (हि.स.)। नेपाल के सुनसरी जिले के देवानगंज में रविवार रात दो समूहों के बीच हुई झड़प के दौरान पुलिस की ओर से की गई फायरिंग के विरोध में सोमवार को जिले के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन शुरू हो गए। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने पांच क्षेत्रों में कर्फ्यू लागू किया है, लेकिन इसके बावजूद प्रदर्शन जारी हैं।
दरअसल, रविवार रात दो समूहों के बीच हो रही झड़प को नियंत्रित करने के दौरान पुलिस ने गोली चलाई, जिसमें 10 लोगों को गोली लगी। घायलों में 24 वर्षीय ओमप्रकाश मेहता की मौत हो गई, जबकि 21 अन्य घायलों का बिराटनगर के विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा है।
घटना के बाद जिला प्रशासन कार्यालय, सुनसरी ने सोमवार सुबह से पांच क्षेत्रों में कर्फ्यू लागू कर दिया। हालांकि, कर्फ्यू के बावजूद सुबह से ही कई स्थानों पर लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए।
प्रदर्शनों के कारण कप्तानगंज क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। इसके अलावा सुनसरी मुख्यालय इनरूवा बाजार और लौकही क्षेत्र में भी लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने इनरूवा बाजार बंद करा दिया और पूर्व-पश्चिम राजमार्ग पर टायर जलाकर यातायात बाधित कर दिया।
प्रदर्शन के चलते पूर्व-पश्चिम राजमार्ग का सुनसरी खंड पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। सुनसरी पुलिस के प्रवक्ता डीएसपी चंद्र खड़का ने बताया कि प्रदर्शनकारियों द्वारा सड़क पर टायर जलाकर रास्ता जाम करने के कारण वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है।
झड़प और उसके बाद हुई पुलिस कार्रवाई में सुरक्षाकर्मियों सहित 22 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हालात पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए कप्तानगंज क्षेत्र में नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात की गई हैं।
जिला प्रशासन ने लोगों से कर्फ्यू का पालन करने, घरों के भीतर रहने तथा किसी भी प्रकार की सभा, जुलूस या प्रदर्शन से दूर रहने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।----------------
हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास