(लीड) एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स लिमिटेड का आईपीओ 30 जुलाई को खुलेगा, प्राइस बैंड 400–425 रुपये प्रति शेयर

युगवार्ता    27-Jul-2026
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प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 27 जुलाई (हि.स.)। रेलवे रोलिंग स्टॉक में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रिकल और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स इक्विपमेंट के डिजाइन, डेवलपमेंट, असेंबली और मैन्युफैक्चरिंग का काम करने वाली कंपनी एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स के पब्लिक इश्यू (आईपीओ) के लिए प्राइस बैंड और उसके लॉट साइज की घोषणा कर दी गई है। इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 400 रुपये से लेकर 425 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 34 शेयर का है। इस इश्यू के जरिये कंपनी मार्केट से 290 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है।

एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 30 जुलाई को खुलेगा। निवेशक इसमें तीन अगस्त तक बोली लगा सकेंगे। क्लोजिंग के बाद चार अगस्त को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि पांच अगस्त को अलॉटेड शेयर डिमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर छह अगस्त को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं।

इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम 1 लॉट यानी 34 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,450 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर 1,87,850 रुपये के निवेश से अधिकतम 13 लॉट के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत 5 रुपये फेस वैल्यू वाले 290 करोड़ रुपये के कुल 68,23,528 नए शेयर जारी किए जाएंगे।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए न्यूनतम 75 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए अधिकतम 10 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए अधिकतम 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए सनडेई कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है। वहीं केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।

एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स की वित्तीय स्थिति की बात करें तो प्रॉस्पेक्टस में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में उतार चढ़ाव होता रहा है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 56 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 1.40 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 12.63 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हो गया।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 50.57 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 64.64 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की राजस्व प्राप्ति घट कर 49.79 करोड़ रुपये रह गई। इस अवधि में कंपनी के कर्ज में भी उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 27.59 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 27.50 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 49.89 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 16.53 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 17.91 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ उछल कर 62.57 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी को इस मोर्चे पर उतार चढ़ाव का सामना करना पड़ा। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 9.15 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में घट कर 8.77 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस उछल कर 52.34 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया था।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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