आरआरयू में एमएचए की नेशनल सिक्योरिटी वर्कशॉप के लिए 40 पत्रकारों को चुना गया, पांच कश्मीर के

युगवार्ता    27-Jul-2026
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जम्मू, 27 जुलाई (हि.स.)। गृह मंत्रालय की देखरेख में गांधीनगर, गुजरात में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू) द्वारा आयोजित 11-दिवसीय नेशनल सिक्योरिटी जर्नलिज्म वर्कशॉप' में भाग लेने के लिए देश भर से चुने गए 40 पत्रकारों में कश्मीर के पांच पत्रकार शामिल हैं।

क्षमता निर्माण का यह कार्यक्रम सोमवार को शुरू हुआ और 6 अगस्त तक चलेगा। इसका उद्देश्य पत्रकारों को राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर सटीकता, ज़िम्मेदारी और रणनीतिक समझ के साथ रिपोर्टिंग करने के लिए ज़रूरी ज्ञान और व्यावहारिक कौशल से लैस करना है। घाटी से भाग लेने वालों में के एन ओ के वारिस फ़याज़, 'कश्मीर कन्वीनर' के संपादक शेख़ सलीम, ग्रेटर कश्मीर के संवाददाता सैयद रिज़वान गिलानी, सुहैल खान और मुनीब-उल-हक शामिल हैं।

जानकारी के अनुसार उद्घाटन के दिन विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए गए जिनमें राष्ट्रीय सुरक्षा पत्रकारिता के बदलते स्वरूप और संघर्ष-प्रभावित व संवेदनशील क्षेत्रों से रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों के लिए इसकी प्रासंगिकता पर ध्यान केंद्रित किया गया।

चर्चाओं में समकालीन राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में मीडिया की भूमिका को भी शामिल किया गया। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए आर आर यू के कुलपति प्रो. (डॉ.) कल्पेश एच. वांड्रा ने कहा कि यह कार्यक्रम ऐसे पत्रकारों को तैयार करने के लिए डिज़ाइन किया गया है जो व्यावसायिकता, संदर्भ की समझ और तथ्यात्मक सटीकता के साथ भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा पर रिपोर्टिंग करने में सक्षम हों। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण में विशेषज्ञों के व्याख्यान, सुरक्षा विशेषज्ञों के साथ बातचीत, केस-आधारित शिक्षा, व्यावहारिक रिपोर्टिंग टूल और संरचित फ़ील्ड अनुभव का संयोजन शामिल है ताकि सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर प्रतिभागियों की समझ को मज़बूत किया जा सके।

इस कार्यशाला में रक्षा, आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद, सीमा प्रबंधन, तटीय सुरक्षा, साइबर घटनाएं, सार्वजनिक व्यवस्था, आपदा प्रतिक्रिया और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा जैसे विषय शामिल होंगे। प्रतिभागी देश के सुरक्षा ढांचे के परिचालन पहलुओं का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करने के लिए प्रमुख राष्ट्रीय सुरक्षा संस्थानों का दौरा भी करेंगे।

कुलपति ने कहा कि डिजिटल युग में राष्ट्रीय सुरक्षा रिपोर्टिंग और भी महत्वपूर्ण हो गई है जहां गलत सूचनाएं और विरोधी नैरेटिव तेज़ी से फैल सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य पत्रकारों के विषय-संबंधी ज्ञान, सत्यापन कौशल और संदर्भ की समझ को बढ़ाना है ताकि ज़िम्मेदार रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जा सके और लोकतांत्रिक विमर्श को मज़बूत किया जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

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