
काठमांडू, 28 जुलाई (हि.स.)। नेपाल के विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ अपना रुख सख्त करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि जब तक प्रधानमंत्री सीमा विवाद के संवेदनशील मुद्दे पर संसद में सीधा और स्पष्ट जवाब नहीं देते, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
सिंहदरबार में मंगलवार को आगामी सदन सत्र की तैयारियों को लेकर प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष डोल प्रसाद अर्याल की बुलाई गई संसदीय दलों के मुख्य सचेतकों और सचेतकों की बैठक के दौरान यह बात सामने आई।
बैठक के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए नेपाली कांग्रेस की मुख्य सचेतक वासना थापा ने कहा कि विपक्ष देश से जुड़े महत्वपूर्ण और सीमा विवाद जैसे संवेदनशील विषयों पर सरकार की चुप्पी स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि जब तक प्रधानमंत्री सीमा विवाद पर स्थिति स्पष्ट नहीं करते और सांसदों के सवालों का सीधा जवाब नहीं देते, तब तक विपक्षी दल सदन में अपना विरोध जारी रखेंगे।
वासना थापा ने यह भी बताया कि बैठक में मुख्य रूप से संसदीय कैलेंडर तैयार करने और सदन की कार्यवाही को अधिक मर्यादित व व्यवस्थित बनाने पर चर्चा हुई। इसके साथ ही विपक्ष ने प्रधानमंत्री के साथ हर महीने के पहले सप्ताह में नियमित प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित करने की मांग भी जोर-शोर से उठाई।
सत्तारूढ़ दल के मुख्य सचेतक ने अध्यक्ष के माध्यम से इस विषय पर प्रधानमंत्री से चर्चा करने का आश्वासन दिया है। लगभग दो सप्ताह के स्थगन के बाद प्रतिनिधि सभा की बैठक आगामी 30 जुलाई से पुनः शुरू होने जा रही है, जहां इस मुद्दे पर हंगामे के आसार जताए जा रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास