
लखनऊ, 28 जुलाई (हि.स.)। संत शिरोमणि रविदास की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) देशभर में विभाग स्तर पर समरसता यात्राएं निकालेगी। विहिप के केंद्रीय मंत्री एवं अखिल भारतीय सामाजिक समरसता प्रमुख देवजी भाई रावत ने कहा कि संत रविदास का सामाजिक समरसता, समानता और आध्यात्मिकता का संदेश आज भी समाज के लिए उतना ही प्रासंगिक और प्रेरणादायी है।
देवजी भाई रावत ने हिन्दुस्थान समाचार से बातचीत में कहा कि विहिप देशभर में समरसता यात्राओं सहित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करेगी, ताकि संत रविदास के विचारों और उनके सामाजिक समरसता के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके। उन्होंने बताया कि समरसता यात्राओं की तिथि प्रत्येक प्रान्त अपनी सुविधानुसार तय करेगा। अवध प्रान्त में 27 सितम्बर से 04 अक्टूबर के मध्य समरसता यात्रा निकाली जायेगी।
उन्होंने कहा कि रविदास जी के जन्मस्थान से समाधिस्थान तक जहां-जहां उनसे जुड़े स्थान व मंदिर हैं वहां से समरसता यात्राएं निकाली जाएंगी। संतों की पदयात्राएं होंगी। प्रखण्डस्तर पर समरसता सहभोज के आयोजन होंगे।
इसके अलावा इस साल विहित का 22 नवंबर से 13 दिसंबर तक सदस्यता अभियान भी चलेगा। इस बार संगठन ने दो करोड़ से अधिक सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा है। वहीं विहिप अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी वर्ष भी मनाएगी। इस दौरान गौ सम्मेलन, किसान सम्मेलन, वेद विद्यालय एकत्रीकरण, समरसता गोष्ठियां, सद्भावना बैठकें तथा अर्चक-पुरोहित एवं सर्वजाति पुरोहित प्रशिक्षण वर्ग सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विहिप संत रविदास जयंती के साथ-साथ अशोक सिंघल के जन्म शताब्दी के कार्यक्रम भी साथ-साथ करेगी। अशोक सिंघल का जन्म 27 सितंबर 1926 को हुआ था। उनका निधन 17 नवंबर 2015 को हुआ।
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हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन