
- कॉमनवेल्थ पीस मीडिएशन एंड रूल ऑफ लॉ विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 31 जुलाई से
जयपुर, 30 जुलाई (हि.स.)। राजधानी में 31 जुलाई से 2 अगस्त तक कॉमनवेल्थ पीस मीडिएशन एंड रूल ऑफ लॉ विषय पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें मेडिएशन, रूल ऑफ लॉ तथा न्याय तक प्रभावी एवं समावेशी पहुंच से जुड़े समकालीन वैश्विक विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत 31 जुलाई को सायं 6 बजे सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे।
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (आरएसएलएसए), कॉमनवेल्थ लॉयर्स एसोसिएशन (सीएलए), सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) तथा मेडिएटर्स ऑफ सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में यह सम्मेलन जयपुर स्थित होटल द ललित में होगा। इस सम्मेलन में राष्ट्रमण्डल देशों के न्यायाधीश, संवैधानिक पदाधिकारी, वरिष्ठ अधिवक्ता, मेडिएटर्स, विधि विशेषज्ञ, शिक्षाविद्, नीति-निर्माता तथा अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रतिनिधि भाग लेंगे। सम्मेलन में 1 अगस्त को पांच तथा 2 अगस्त को दो उच्चस्तरीय तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे।
सम्मेलन का वैलेडिक्टरी सेशन 2 अगस्त को दोपहर 12ः15 बजे होगा, जिसकी अध्यक्षता जस्टिस विक्रम नाथ, जज, सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया एवं एग्जीक्यूटिव चेयरमैन, नालसा करेंगे। समापन अवसर पर जयपुर डिक्लेरेशन ऑन पीस मेडिएशन-2026 को सभी विशिष्ट अतिथियों द्वारा अंगीकृत किया जाएगा।
सम्मेलन के विभिन्न तकनीकी सत्रों में कॉमर्शियल डिस्प्यूट्स, फैमिली डिस्प्यूट्स, एनवायरनमेंटल डिस्प्यूट्स, कम्युनिटी डिस्प्यूट्स, क्रॉस-बॉर्डर डिस्प्यूट्स, आपराधिक मामलों में विक्टिम-सेंट्रिक मीडिएशन, रूल ऑफ लॉ को सुदृढ़ बनाने में मीडिएशन की भूमिका तथा वैश्विक स्तर की सर्वाेत्तम प्रथाओं सहित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ विचार-विमर्श करेंगे।
सम्मेलन का उद्देश्य मीडिएशन को विवादों के शांतिपूर्ण, प्रभावी, त्वरित एवं सहमति-आधारित समाधान के रूप में वैश्विक स्तर पर प्रोत्साहित करना तथा न्याय प्रणाली को अधिक सुलभ, उत्तरदायी एवं जन-केंद्रित बनाना है।
सम्मेलन में होने वाले विमर्श एवं निष्कर्ष जयपुर डिक्लेरेशन ऑन पीस मेडिएशन-2026 के माध्यम से मेडिएशन की भावी दिशा एवं नीति-निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव ने बताया कि यह सम्मेलन न केवल भारत बल्कि राष्ट्रमंडल देशों के मध्य न्यायिक सहयोग, ऑल्टरनेटिव डिस्प्यूट रिजोल्यूशन (एडीआर) तथा शांति-आधारित न्याय प्रणाली को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / संदीप