
बेंगलुरु, 06 जुलाई (हि.स.)। कर्नाटक में चल रही विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन-एसआईआर) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच की मांग की। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और एच.डी. कुमारस्वामी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए कई शिकायतें दर्ज कराईं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में प्रह्लाद जोशी ने आरोप लगाया कि राज्य में एसआईआर प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) को प्रत्येक मतदाता के घर जाकर सत्यापन करना चाहिए, लेकिन अनेक स्थानों पर सामुदायिक भवनों, मस्जिदों और कांग्रेस जनप्रतिनिधियों के आवासों पर मतदाताओं को बुलाकर गणना प्रपत्र भरवाए जा रहे हैं। उनके अनुसार, इससे मतदाता सूची की निष्पक्षता और विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है।
जोशी ने आरोप लगाया कि कई क्षेत्रों में व्हाट्सएप समूह बनाकर मतदाताओं को निर्धारित स्थानों पर बुलाया जा रहा है और वहीं उनके आवेदन भरवाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन आरोपों के समर्थन में सोशल मीडिया से एकत्रित सामग्री और अन्य दस्तावेज पेन ड्राइव के रूप में मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सौंपे गए हैं, ताकि उनकी जांच कराई जा सके।
राजग प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि अब तक भरे गए सभी गणना प्रपत्रों का घर-घर जाकर अनिवार्य रूप से पुनः सत्यापन कराया जाए। साथ ही प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं में शामिल अधिकारियों अथवा राजनीतिक पदाधिकारियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए।
प्रह्लाद जोशी ने आरोप लगाया कि ये अनियमितताएं राज्य सरकार के संरक्षण में हो रही हैं। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी से संपूर्ण गणना (एन्यूमरेशन) प्रक्रिया दोबारा कराने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इससे पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र, विपक्ष के नेता छलवादी नारायणस्वामी और निखिल कुमारस्वामी भी इसी मुद्दे पर शिकायत दर्ज करा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी सुधार नहीं हुआ है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ बूथ स्तरीय अधिकारियों के पहचान-पत्रों पर स्थानीय विधायकों के फोटो लगाए गए हैं, जो निर्वाचन प्रक्रिया की तटस्थता के विपरीत है। जोशी ने यह भी दावा किया कि पश्चिम बंगाल के बाद अब कर्नाटक में भी कांग्रेस सरकार अवैध प्रवासियों को मतदाता सूची में शामिल कराने का प्रयास कर रही है। उनका कहना था कि यदि घर-घर जाकर सत्यापन नहीं किया गया तो मतदाताओं की वास्तविक पहचान सुनिश्चित करना संभव नहीं होगा।
राजग नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया केवल चुनिंदा बूथों तक सीमित रखी गई है, जिससे निर्वाचन व्यवस्था की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं। उन्होंने निर्वाचन आयोग से पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच कराने, प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की।
हालांकि, इन आरोपों पर राज्य सरकार अथवा निर्वाचन अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश एम.बी.