डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के स्मारक और शैक्षिक योजनाओं पर खर्च होंगे 200 करोड़ : शुभेंदु अधिकारी

युगवार्ता    06-Jul-2026
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पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी  (फाइल फाेटाे)


कोलकाता, 06 जुलाई (हि.स.)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को घोषणा की कि राज्य सरकार डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में विभिन्न कार्यक्रमों और परियोजनाओं पर 200 करोड़ खर्च करेगी। साथ ही, अगले शैक्षणिक सत्र से स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में डॉ. मुखर्जी के जीवन, राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान तथा पश्चिम बंगाल के गठन में उनकी भूमिका को शामिल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यह घोषणा भवानीपुर स्थित मित्रा इंस्टीट्यूशन में आयोजित समारोह में की। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने वर्ष 1906 से 1917 तक इसी विद्यालय में अध्ययन किया था और बाद में वर्ष 1924 से 1938 तक विद्यालय की प्रबंधन समिति के सदस्य भी रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई पीढ़ी को यह जानना चाहिए कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश और विशेष रूप से पश्चिम बंगाल के निर्माण में क्या योगदान दिया। उन्होंने बताया कि उनके राष्ट्रवादी विचार, विधानसभा में दिए गए भाषण, स्वतंत्र भारत के प्रथम उद्योग मंत्री के रूप में उनकी भूमिका तथा कलकत्ता विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में उनके कार्यों को स्कूल से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।

समारोह में मुख्यमंत्री ने मित्रा इंस्टीट्यूशन के संरक्षण और आधुनिकीकरण के लिए कई घोषणाएं भी कीं। भवानीपुर के विधायक के रूप में उन्होंने अपने विधायक क्षेत्र विकास निधि से विद्यालय भवन के जीर्णोद्धार के लिए 25 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कोलकाता नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिया कि अगस्त तक अभियंताओं की टीम भेजकर विद्यालय के संरक्षण और पुनरुद्धार की विस्तृत योजना तैयार की जाए, ताकि इसकी ऐतिहासिक पहचान सुरक्षित रहे।

मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को विद्यालय को केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया योजना के अंतर्गत लाने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश भी दिया। साथ ही, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से संचालित केंद्र सरकार की एक अन्य शैक्षणिक पहल से विद्यालय को जोड़ने की संभावनाएं तलाशने को भी कहा।

उन्होंने बताया कि सूचना एवं संस्कृति विभाग चालू वित्त वर्ष में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में लगभग 200 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाएं संचालित करेगा। इनमें उनकी 125 फुट ऊंची प्रतिमा का निर्माण और अन्य स्मारक परियोजनाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह भी विचार करने को कहा कि इस राशि का एक हिस्सा मित्रा इंस्टीट्यूशन के विकास पर भी खर्च किया जा सकता है।

विद्यालय के विद्यार्थियों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें राष्ट्र को सर्वोपरि रखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, स्वामी विवेकानंद की तरह, भारत माता को सर्वोच्च आदर्श मानते थे। विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से उन्होंने विद्यालय के 1000 विद्यार्थियों को सिस्टर निवेदिता की प्रसिद्ध पुस्तक द मास्टर ऐज़ आई सॉ हिम की निःशुल्क प्रतियां उपलब्ध कराने की भी घोषणा की।

इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि पूर्ववर्ती वाम मोर्चा और तृणमूल कांग्रेस सरकारों ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को उचित महत्व नहीं दिया। उन्होंने राज्य सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे नई पीढ़ी उनके जीवन, शिक्षा, उद्योग और राष्ट्रीय एकता के लिए किए गए कार्यों से परिचित हो सकेगी। ------------------

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

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