उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात पहली बार 30 प्रतिशत पहुंचा, छात्राओं की भागीदारी लगातार बढ़ी : एआईएसएचई रिपोर्ट

युगवार्ता    08-Jul-2026
Total Views |

नई दिल्ली, 08 जुलाई (हि.स.)। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने बुधवार को अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण (एआईएसएचई) 2022-23 और 2023-24 की रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट के अनुसार, देश में उच्च शिक्षा का सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) पहली बार 30 प्रतिशत तक पहुंच गया है। साथ ही छात्राओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और पिछले सात वर्षों से उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों से अधिक बनी हुई है।

रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2014-15 में उच्च शिक्षा का सकल नामांकन अनुपात 23.7 प्रतिशत था, जो बढ़कर 29.5 प्रतिशत (2022-23) और 30 प्रतिशत (2023-24) हो गया। छात्राओं का जीईआर 2014-15 के 22.9 प्रतिशत से बढ़कर 2023-24 में 31.2 प्रतिशत पहुंच गया है। अनुसूचित जाति (एससी) विद्यार्थियों का जीईआर 18.9 प्रतिशत से बढ़कर 27.8 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति (एसटी) विद्यार्थियों का जीईआर 13.5 प्रतिशत से बढ़कर 22.8 प्रतिशत हो गया।

रिपोर्ट में कहा गया है कि जेंडर पैरिटी इंडेक्स (जीपीआई) वर्ष 2023-24 में 1.08 दर्ज किया गया, जो लगातार सातवें वर्ष एक से अधिक रहा। इसका अर्थ है कि उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों की तुलना में अधिक बनी हुई है।

देश में उच्च शिक्षा में कुल नामांकन वर्ष 2014-15 के 3.42 करोड़ से बढ़कर 2022-23 में 4.46 करोड़ और 2023-24 में 4.50 करोड़ हो गया, जो एक दशक में 31.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। इसी अवधि में छात्राओं का नामांकन 1.57 करोड़ से बढ़कर 2.24 करोड़ हो गया, जो 42.2 प्रतिशत की वृद्धि है।

सामाजिक वर्गों के आधार पर भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। एससी विद्यार्थियों का नामांकन 46.07 लाख से बढ़कर 69.72 लाख, एसटी विद्यार्थियों का 16.41 लाख से बढ़कर 28.83 लाख तथा अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के विद्यार्थियों का नामांकन 1.13 करोड़ से बढ़कर 1.80 करोड़ हो गया।

रिपोर्ट के अनुसार, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) विषयों में भी रुचि बढ़ी है। इन विषयों में नामांकन वर्ष 2014-15 के 91.5 लाख से बढ़कर 2023-24 में 1.02 करोड़ हो गया। एसटीईएम में छात्राओं की हिस्सेदारी भी 38.4 प्रतिशत से बढ़कर 44 प्रतिशत हो गई है।

शिक्षकों की संख्या में भी वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2023-24 में देश में कुल 17.32 लाख शिक्षक कार्यरत रहे, जिनमें 55.1 प्रतिशत पुरुष और 44.9 प्रतिशत महिलाएं हैं। महिला शिक्षकों की संख्या 2014-15 के 5.69 लाख से बढ़कर 2023-24 में 7.78 लाख हो गई।

शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, एआईएसएचई देश के उच्च शिक्षण संस्थानों से वेब-आधारित प्रणाली के माध्यम से प्राप्त आंकड़ों पर आधारित सर्वेक्षण है, जो उच्च शिक्षा क्षेत्र में नीति निर्माण, योजना और निगरानी के लिए आधिकारिक सांख्यिकीय आधार उपलब्ध कराता है। वर्ष 2022-23 और 2023-24 दोनों सर्वेक्षणों में 90 प्रतिशत से अधिक उच्च शिक्षण संस्थानों ने भागीदारी की। हालांकि मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह स्वैच्छिक और संस्थानों द्वारा स्वयं उपलब्ध कराए गए आंकड़ों पर आधारित सर्वेक्षण है, इसलिए बड़े पैमाने के सर्वेक्षणों से जुड़ी सामान्य सीमाएं इसके परिणामों को मामूली रूप से प्रभावित कर सकती हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

Tags