सांसद बनना सिर्फ राजनीतिक उपलब्धि नहीं, वंचित वर्गों की आवाज उठाने का अवसर भीः कर्मवीर बौद्ध

युगवार्ता    08-Jul-2026
Total Views |
कांग्रेस के नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्य कर्मवीर बौद्ध (फाइल फोटो)।


नई दिल्ली, 08 जुलाई (हि.स.)। हरियाणा से कांग्रेस के नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्य कर्मवीर सिंह बौद्ध ने कहा कि उनका संसद में जाना केवल एक राजनीतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, संवैधानिक मूल्यों और वंचित वर्गों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि आगामी मानसून सत्र उनका पहला सत्र होगा। इसमें वह सफाई कर्मचारियों की स्थिति, अनुसूचित जाति-जनजाति पर अत्याचार, किसानों के मुद्दे, युवाओं के रोजगार, शिक्षा और संविधान से जुड़े मसलों को प्रमुखता से उठाएंगे।

कर्मवीर बौद्ध ने हिन्दुस्थान समाचार को दिए साक्षात्कार में राज्यसभा चुनाव के दौरान हुए घटनाक्रम, सामाजिक न्याय की राजनीति, किसानों की समस्याओं, रोजगार, अग्निवीर योजना, संविधान संशोधन, परिसीमन, राम मंदिर चढ़ावा चोरी और नीट परीक्षा पेपर लीक जैसे मुद्दों पर विस्तार से अपनी बात रखी।

राज्यसभा चुनाव में बेहद करीबी मुकाबले में मिली जीत को लेकर बौद्ध ने कहा कि यह लोकतंत्र और संविधान में विश्वास की जीत है। चुनाव के दौरान कांग्रेस के पास पर्याप्त मत होने के बावजूद भय और अनिश्चितता का माहौल बनाया गया। लोकतंत्र में जनता द्वारा चुने गए विधायकों को भी जिस प्रकार के दबाव और आशंकाओं का सामना करना पड़ा, वह चिंताजनक है।

बौद्ध ने कहा कि प्रशासनिक अनुभव के कारण उन्हें व्यवस्था की कमियों और चुनौतियों की गहरी समझ है। संविधान और कानून में सामाजिक न्याय के लिए पर्याप्त प्रावधान हैं, लेकिन क्रियान्वयन के स्तर पर गंभीर खामियां हैं। दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों के लिए बनाई गई अनेक योजनाएं धरातल पर अपेक्षित परिणाम नहीं दे पा रही हैं।

उन्होने कहा कि उनका पहला फोकस सफाई कर्मचारियों की समस्याओं पर रहेगा। आउटसोर्सिंग व्यवस्था ने इस वर्ग की स्थिति को और अधिक असुरक्षित बना दिया है। इसके अलावा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन का मुद्दा भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। अत्याचार के मामलों में कानून तो हैं, लेकिन पीड़ितों को समय पर न्याय नहीं मिल पाता।

संविधान संशोधन और परिसीमन जैसे मुद्दों पर बौद्ध ने कहा कि कांग्रेस किसी भी ऐसे प्रयास का विरोध करेगी, जो संविधान की मूल भावना या लोकतांत्रिक संतुलन को प्रभावित करता हो। विभिन्न राजनीतिक दलों को तोड़कर और दबाव की राजनीति के जरिए सत्ता का विस्तार करने का प्रयास किया जा रहा है। संसद में संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के लिए कांग्रेस पूरी ताकत से अपनी बात रखेगी।

बौद्ध ने कहा कि किसानों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी), बढ़ती लागत और आय से जुड़े सवाल आज भी अनसुलझे हैं। किसानों से किए गए कई वादे पूरे नहीं हुए हैं। किसान परिवार से आने वाले बौद्ध ने कहा कि वह किसानों के हितों से जुड़े मुद्दों को लगातार संसद में उठाएंगे।

------------

हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

Tags