
मुंबई, 08 जुलाई (हि.स.)। पुणे जिले के पिंपरी चिंचवड़ इलाके में स्थित मोर्शी में हुए बिल्डिंग हादसे में बुधवार शाम तक चार लोगों को बचा लिया गया है। मौके पर मलबे में दबे 17 लोगों की तलाश जारी है। घटनास्थल पर पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम, भारतीय नौसेना की टीम राहत और बचाव कार्य कर रही है। बिल्डिंग गिरने की छानबीन पुणे पुलिस कर रही है।
इस घटना की छानबीन कर रहे पुलिस अधिकारी ने बताया कि आज दोपहर में मोर्शी गारबेज डिपो में जमा कचरे के ढ़ेर में अचानक भूस्खलन जैसी घटना हुई, जिससे पास की तीन मंजिला बिल्डिंग ढ़ह गई। इस में कचरे पर प्रक्रिया का काम चल रहा था और करीब २१ कर्मचारी काम कर रहे थे। इसकी सूचना मिलते ही मौके पर राहत और बचाव कार्य चल रहा है। अब तक अशोक गुप्ता, मुनींद्र कुमार, चंद्रशेखर सिंह और दिनेश सुतार नामक मजदूरों को सुरक्षित मलबे से बाहर निकाल लिया गया है। इन सभी का इलाज नजदीकी अस्पताल में हो रहा है। जबकि विजय सपकाल , महेश कुंभार, दादासाहेब आर्डे, रणवीर सिंह, सोमनाथ शेल्के, महेश राउत, सनी माने, राहुल गायकवाड़, सुनील कोरके, अक्षय सावंत, राम प्रताप चावहा, शुभम पाटिल, सचिन दबदगाव, भावेश वाणी, सुजाता शिंदे, रंजीत पतिमी और नागेश गायकवाड़ नामक मजदूरों की तलाश बिल्डिंग के मलबे में की जा रही है।
पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम के आयुक्त विजय सूर्यवंशी ने बताया कि मोर्शी गारबेज डिपो इलाके में भारी बारिश के कारण आज दोपहर में एक तीन मंजिला बिल्डिंग ढह गई थी। इस डिपो में २१ कर्मचारी काम कर रहे थे। इनमें से चार लोगों को बचा लिया गया है, अन्य की तलाश बहुत ही सावधानी से जारी है। सबसे सुकून देने वाली और ज़रूरी बात यह है कि मलबे में फंसे कुछ कर्मचारियों की आवाज़ें आ रही हैं और देखा गया है कि वे जिंदा हैं। इसलिए, तुरंत मलबे में फंसे लोगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है।
पिंपरी-चिंचवड़ के पुलिस आयुक्त विनय चौबे ने बताया कि बिल्डिंग के मलबे में कई लोगों के दबे होने की संभावना है। सभी को सुरक्षित निकालने के लिए एनडीआरएफ, पुलिस, फायर ब्रिगेड और नगर निगम के कर्मचारी मौके पर मौजूद हैं। फंसे हुए लोगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने का काम चल रहा है और सभी को सुरक्षित निकालने की कोशिशें जारी हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव