अमेरिका की आजादी के 250वें जश्न में शामिल हुआ 'सुदर्शिनी', दिखाई समृद्ध समुद्री विरासत

युगवार्ता    09-Jul-2026
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आईएनएस सुदर्शिनी ने भारत का प्रतिनिधित्व


- भारत और अमेरिका के बीच सामरिक और सांस्कृतिक साझेदारी और मजबूत हुई

नई दिल्ली, 09 जुलाई (हि.स.)। अमेरिका की आजादी का जश्न मनाने के लिए 250वीं सालगिरह के मौके पर इंटरनेशनल नेवल रिव्यू में इंडियन नेवल सेल ट्रेनिंग शिप (एसटीएस) आईएनएस सुदर्शिनी ने भारत का प्रतिनिधित्व किया है। इस एसटीएस ने महासागरीय पार अभियान के तहत न्यूयॉर्क का पोर्ट कॉल पूरा करके भारत की समृद्ध समुद्री विरासत को दिखाया है। साथ ही भारत और अमेरिका के बीच सामरिक और सांस्कृतिक साझेदारी को और मजबूत किया है।

भारत ने ट्रांसओशनिक तैनाती के हिस्से के तौर पर देश में बने तीन मस्तूल वाले इंडियन नेवल सेल ट्रेनिंग शिप (एसटीएस) आईएनएस सुदर्शिनी को 10 महीने के लिए तैनात किया है। इस 54 मीटर लंबे तीन मस्तूल (थ्री-मास्टेड) वाले जहाज का मुख्य उद्देश्य नौसेना के युवा कैडेट्स को समुद्र के वास्तविक हालात में पारंपरिक नाविक कौशल (सीमेनशिप) और नेविगेशन का प्रशिक्षण देना है। इसी जहाज ने 08 जुलाई को अमेरिका की आजादी के 250वें जश्न में हिस्सा लिया। सालगिरह के मौके पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय नौसेना समीक्षा में भारत का प्रतिनिधित्व किया।

इस दौरे का मुख्य आकर्षण आईएनएस सुदर्शिनी का शानदार परेड ऑफ सेल में हिस्सा लेना था, जिसके दौरान जहाज स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी के पास से और हडसन नदी के किनारे-किनारे चला और इंटरनेशनल टॉल शिप और नेवल वेसल के शानदार फ्लीट के साथ गर्व से तिरंगा लहराया। ब्रुकलिन में ठहराव के दौरान आईएनएस सुदर्शिनी ने भारत के फ्लोटिंग एंबेसडर के तौर पर काम किया और 1,000 से ज्यादा आगंतुकों का स्वागत किया, जिनमें भारतीय समुदाय के सदस्य और समुद्री शौकीन लोग शामिल थे। आगंतुकों को भारतीय नौसेना की सेल ट्रेनिंग परंपराओं और भारतीय समुद्री विरासत के बारे में जानकारी दी गई।

शिप ने कई जाने-माने आगंतुकों का स्वागत किया, जिनमें न्यूयॉर्क में भारत के वाणिज्य दूत जनरल बिनया श्रीकांत प्रधान, संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत और स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश शामिल थे। उन्होंने क्रू से बातचीत की और भारत की समुद्री विरासत को बढ़ावा देने, दोनों देशों के बीच समुद्री रिश्तों को मजबूत करने की तारीफ की। जहाज पर आयोजित रात्रिभोज में वरिष्ठ राजनयिक, सैन्य अधिकारी और जाने-माने मेहमान एक साथ आए, जिससे इंडिया-यूएस व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का मौका मिला। इसके बाद सुदर्शिनी न्यूयॉर्क पोर्ट से बोस्टन के लिए रवाना हुई, जहां वह 'सेल बोस्टन सेलिब्रेशन' में हिस्सा लेगी। यह जहाज लोकायन-2026 अभियान के हिस्से के तौर पर समुद्र के पार भारतीय नौसेना का दोस्ती, समुद्री सहयोग और सद्भावना का संदेश ले जा रहा है।------------------

हिन्दुस्थान समाचार / सुनीत निगम

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