लॉर्ड्स में पहली बार होगा महिला टेस्ट मैच, इतिहास रचने उतरेंगी भारत और इंग्लैंड की टीमें

युगवार्ता    09-Jul-2026
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भारत और इंग्लैंड की महिला टीमों के बीच टेस्ट मैच का दृश्य (फाइल फोटो)


लंदन, 09 जुलाई (हि.स.)। क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित मैदान लॉर्ड्स में शुक्रवार से इतिहास रचा जाएगा, जब पहली बार यहां महिला टेस्ट मैच खेला जाएगा। एकमात्र टेस्ट मुकाबले में भारत और इंग्लैंड की टीमें आमने-सामने होंगी। यह मुकाबला सिर्फ जीत-हार तक सीमित नहीं है, बल्कि महिला क्रिकेट के लिए एक ऐतिहासिक अवसर भी माना जा रहा है।

लॉर्ड्स में पुरुषों का पहला टेस्ट 140 वर्ष से भी अधिक समय पहले खेला गया था, लेकिन अब पहली बार महिला टेस्ट क्रिकेट इस मैदान पर दस्तक देने जा रहा है। इस मुकाबले के लिए चार दिनों में 30 हजार से अधिक टिकट बिक चुके हैं, जो ब्रिटेन में किसी महिला टेस्ट के लिए अब तक की सबसे बड़ी दर्शक संख्या है।

दोनों टीमें वापसी की तलाश में-

इंग्लैंड की टीम लंबे प्रारूप में अपने खराब प्रदर्शन को पीछे छोड़ना चाहेगी। पिछले 10 वर्षों में उसे महिला टेस्ट क्रिकेट में सिर्फ एक जीत मिली है। इस साल मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसे हार का सामना करना पड़ा था, जबकि घरेलू मैदान पर टी20 विश्व कप फाइनल में मिली हार की निराशा भी टीम के साथ है। कप्तान नैट साइवर-ब्रंट को उम्मीद होगी कि लाल गेंद का क्रिकेट टीम के लिए नई शुरुआत साबित होगा।

दूसरी ओर, भारत भी टी20 विश्व कप में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद इस मुकाबले में नई ऊर्जा के साथ उतरेगा। हरमनप्रीत कौर की अगुआई वाली टीम ने पिछले कुछ वर्षों में भले ही कम टेस्ट खेले हों, लेकिन जब भी मौका मिला, उसने शानदार प्रदर्शन किया। 2024 में चेन्नई में दक्षिण अफ्रीका पर बड़ी जीत और उसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ में खेले गए डे-नाइट टेस्ट तक भारत ने अपनी मजबूत पहचान बनाई।

इंग्लैंड की धरती पर भारत का शानदार रिकॉर्ड-

महिला टेस्ट क्रिकेट में इंग्लैंड की धरती पर भारत का रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। भारतीय टीम ने इंग्लैंड में खेले गए अपने नौ टेस्ट मैचों में कभी हार नहीं झेली है। दोनों देशों के बीच अब तक खेले गए 15 महिला टेस्ट मैचों में भारत को सिर्फ एक हार मिली है। भारत ने तीन मुकाबले जीते हैं, जबकि बाकी मैच ड्रॉ रहे हैं।

2014 में वॉर्म्सली में भारत की ऐतिहासिक जीत आज भी महिला क्रिकेट के सबसे यादगार पलों में गिनी जाती है।

उस मुकाबले में आठ खिलाड़ियों ने टेस्ट पदार्पण किया था और टीम ने आठ साल बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी करते हुए इंग्लैंड को हराया था। इसके बाद 2024 में नवी मुंबई में भारत ने इंग्लैंड को 347 रन से हराकर अपनी ताकत का फिर से परिचय दिया।

नई खिलाड़ियों पर रहेंगी निगाहें-

इंग्लैंड ने इस मुकाबले के लिए युवा खिलाड़ियों पर भरोसा जताया है। एलिस कैप्सी, एलेनॉर थ्रेलकेल्ड, ग्रेस पॉट्स, मैडी विलियर्स और किशोर बाएं हाथ की स्पिनर टिली कोर्टीन-कोलमैन को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। वहीं चार्ली डीन को आराम दिया गया है।

भारत की टीम में भी कुछ नए चेहरे शामिल हैं। हरलीन देओल, बाएं हाथ की स्पिनर एन श्री चरणी और तेज गेंदबाज नंदानी शर्मा टेस्ट पदार्पण कर सकती हैं। वहीं तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर सयाली सातघरे भी टीम संतुलन के लिहाज से मजबूत विकल्प मानी जा रही हैं।

चोट और टीम संयोजन बनेगा अहम-

भारत को सलामी बल्लेबाज प्रतिका रावल की चोट से झटका लगा है। घुटने में चोट लगने के बाद उन्हें टीम से बाहर होना पड़ा, जिसके बाद प्रिया पुनिया को टीम में शामिल किया गया। बल्लेबाजी क्रम में शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, यास्तिका भाटिया और हरलीन देओल के बीच जगह के लिए मुकाबला रहेगा।

गेंदबाजी विभाग में मुख्य कोच अमोल मजूमदार को रेणुका सिंह, क्रांति गौड़ और नंदानी शर्मा में सही संयोजन चुनना होगा। वहीं सयाली सातघरे की ऑलराउंड क्षमता उन्हें अंतिम एकादश में जगह दिला सकती है।

इंग्लैंड के पास घरेलू परिस्थितियों का फायदा और अनुभवी खिलाड़ियों का साथ है, जबकि भारत अपने शानदार रिकॉर्ड और आत्मविश्वास के दम पर मैदान में उतरेगा। ऐसे में लॉर्ड्स का यह ऐतिहासिक महिला टेस्ट मुकाबला क्रिकेट प्रेमियों के लिए बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है।

दोनों टीमें

इस प्रकार हैं-

इंग्लैंड: नैट साइवर-ब्रंट (कप्तान), टैमी ब्यूमोंट, लॉरेन बेल, माया बाउचियर, एलिस कैप्सी, टिली कोर्टीन-कोलमैन, सोफी एक्लेस्टोन, लॉरेन फिलर, एमी जोन्स (विकेटकीपर), हीदर नाइट, एमा लैम्ब, ग्रेस पॉट्स, एली थ्रेलकेल्ड, मैडी विलियर्स, इसी वोंग।

भारत: स्मृति मंधाना, यास्तिका भाटिया, हरलीन देओल, ऋचा घोष (विकेटकीपर), प्रिया पुनिया, जेमिमा रोड्रिग्स, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्नेह राणा, सयाली सातघरे, शेफाली वर्मा, दीप्ति शर्मा, क्रांति गौड़, रेणुका सिंह, नंदानी शर्मा, श्री चरणी।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे

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