
-8 लाख लोग प्रभावित, 2.69 लाख को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
भुवनेश्वर, 01 अगस्त (हि.स.)। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने आज राज्य के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान उन्होंने 5 जिलों के 12 से अधिक ब्लॉकों में बाढ़ की स्थिति का आकलन किया। उनके साथ राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी और विशेष राहत आयुक्त भी मौजूद रहे।
सर्वेक्षण के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि कई गांव अब भी जलमग्न हैं, हालांकि स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि अगले दो दिनों में बाढ़ का पानी उतर जाएगा।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि पानी उतरने के तीन दिनों के भीतर क्षति का आकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। रिपोर्ट के आधार पर कृषि, आवास और अन्य प्रभावित क्षेत्रों के लिए तत्काल राहत पैकेज प्रदान किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने हवाई सर्वेक्षण के दौरान जाजपुर जिले के दशरथपुर, बरी और बिंझारपुर, भद्रक जिले के धामनगर, भंडारिपोखरी और चांदबाली, बालेश्वर जिले के सोर, रेमुणा और बालेश्वर सदर, मयूरभंज जिले के बड़साही, उदला और कप्तिपदा के कुछ हिस्सों तथा केन्दुझर जिले के हाटडीही ब्लॉक के प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ की स्थिति पर सरकार की लगातार नजर बनी हुई है और मंत्रियों व अधिकारियों के साथ समन्वय कर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। पुरी जिले की स्थिति पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है।
उन्होंने बताया कि ‘जीरो कैजुअल्टी’ के लक्ष्य को प्राथमिकता दी गई है। वर्तमान बाढ़ में लगभग 8 लाख लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि 2.69 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है।
राहत एवं बचाव कार्यों में 17 ओड्राफ (ODRAF), 7 एनडीआरएफ (NDRF) और 129 अग्निशमन व आपातकालीन सेवा दल तैनात हैं। लगभग 700 आश्रय स्थलों और राहत शिविरों में प्रभावित लोगों के लिए रहने, भोजन, पेयजल और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। वरिष्ठ अधिकारी जमीनी स्तर पर राहत और पुनर्वास कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य आपदा प्रबंधन कोष से राहत और बचाव कार्यों के लिए 26 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। प्रभावित परिवारों को पॉलिथीन, सूखा व पका भोजन, पेयजल और दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इसके साथ ही क्षतिग्रस्त सड़कों की शीघ्र मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ के बाद स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न न हों, इसके लिए भी सतर्कता बरती जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समय पर सूचना और उचित कदमों के कारण बड़े नुकसान को काफी हद तक टाला जा सका है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता महंतो