नई दिल्ली, 10 अगस्त (हि.स.)। केंद्र सरकार ने ई-वीजा धारक विदेशियों के भारत में प्रवेश के लिए 11 और अंतरराष्ट्रीय प्रवेश बिन्दुओं को अधिसूचित किया है। इनमें नौ भूमि पारगमन केन्द्र और दो हवाई अड्डे शामिल हैं। इसके साथ ही ई-वीजा धारक विदेशियों के लिए भारत में प्रवेश की सुविधा वाले अंतरराष्ट्रीय पारगमन बिन्दुओं की कुल संख्या बढ़कर 88 हो गई है।
गृह मंत्रालय ने सोमवार को जारी एक बयान में बताया कि नए जोड़े गए 11 पारगमन बिन्दुओं में अगरतला, दर्रांगा, गेडे, घोजाडांगा, हरिदासपुर, जयगांव, डावकी, मोरेह और अटारी (रोड) भूमि सीमापारगमन केन्द्र तथा भोपाल और तिरुपति हवाई अड्डे शामिल हैं।
नए पारगमन बिन्दुओं को शामिल किए जाने से ई-वीजा की उपयोगिता और आकर्षण बढ़ने की उम्मीद है। सरकार के अनुसार भारत में प्राप्त लगभग 95 प्रतिशत ई-वीजा आवेदनों का निपटारा 72 घंटे से कम समय में किया जाता है।
नवीनतम अधिसूचना के बाद ई-वीजा धारक विदेशियों के प्रवेश के लिए अधिसूचित 88 अंतरराष्ट्रीय पारगमन बिन्दुओं में 37 हवाई अड्डे, 38 समुद्री बंदरगाह और 13 भूमि पारगमन केन्द्र शामिल हैं।
गृह मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में वीजा व्यवस्था को उदार, सुगम और सरल बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसका उद्देश्य वैध विदेशी यात्रियों की यात्रा को सुविधाजनक बनाने के साथ आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए तकनीकी ढांचे को बेहतर बनाना है।
भारत ने वर्ष 2014 में 43 देशों के नागरिकों के लिए इलेक्ट्रॉनिक यात्रा प्राधिकरण (ईटीए) के साथ ई-वीजा सुविधा शुरू की थी। वर्तमान में यह सुविधा 172 देशों के नागरिकों के लिए उपलब्ध है। ई-वीजा वर्तमान में 17 उप-श्रेणियों में उपलब्ध है, जिनमें पर्यटक, पर्वतारोहण, कारोबार, चिकित्सा, छात्र, पारगमन, विविध तथा समूह आगंतुक (क्रूज) वीजा शामिल हैं।
मंत्रालय ने बताया कि भारत द्वारा जारी किए जाने वाले कुल वीजा में अब लगभग 78 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक वीजा हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार