मप्र के बालाघाट जिले में गंदे पानी से छह बच्चों की मौत से हडकंप, पुणे की लैब में भेजे सैंपल

युगवार्ता    10-Aug-2026
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बालाघाट पहुंची जबलपुर की टीम जांच करते हुए


बालाघाट, 10 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बैगा आदिवासी बहुल गांवों में अडोरी कुंडेकसा बोंदारी और कोरका में फैली बीमारी से अब तक 1 से 13 साल की उम्र के छह बच्चों की मौत हो चुकी है। लगातार बच्चों के बीमार पड़ने की जानकारी सामने आने के बाद भोपाल तक प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया है। सोमवार को जबलपुर मेडिकल कॉलेज से विशेषज्ञों की पांच सदस्यीय टीम प्रभावित गांवों में पहुंची है।

जबलपुर मेडिकल कॉलेज के महामारी विशेषज्ञ डॉ. रविंद्र विश्नोई और डॉक्टर्स की 5 सदस्यीय टीम के अनुसार, बच्चों में पोषण की कमी और दूषित पानी बीमारी की मुख्य वजह हैं। पोषण न मिलने से बच्चों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) काफी कमजोर हो गई, जिससे वे आसानी से संक्रमण की चपेट में आ गए। शुरुआत में बच्चों के शरीर पर दाने, बुखार, मुंह में छाले, भूख न लगना और झटके आने जैसे लक्षण दिखे। बीमारी की सटीक पुष्टि के लिए सैंपल पुणे की लैब में भेजे गए हैं।

बीमारी की शुरुआत में बच्चों के शरीर पर दाने निकलने के साथ बुखार, मुंह में छाले, भूख नहीं लगना और झटके आने जैसे लक्षण सामने आए। बड़ी संख्या में बच्चों के बीमार पड़ने से ग्रामीण इलाकों में हड़कंप की स्थिति बन गई। हालांकि बीमारी की सटीक वजह और संक्रमण की पुष्टि के लिए बच्चों के सैंपल पुणे स्थित लैब में भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद बीमारी की वास्तविक स्थिति और कारण स्पष्ट होने की उम्मीद है।

47 बच्चे अस्पताल में भर्ती

स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित गांवों में शिविर और अस्थायी अस्पताल बनाकर इलाज शुरू कर दिया है। बीमार बच्चों और ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की जा रही है। वर्तमान में 47 बच्चे बैहर और बालाघाट जिला अस्पताल में भर्ती हैं। इलाज के बाद स्वस्थ हुए 51 बच्चों को अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है।

6 बच्चों की मौत की पुष्टि

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप ने 6 बच्चों की मौत की पुष्टि की है। स्वास्थ्य विभाग ने मामले की विस्तृत रिपोर्ट भोपाल भेज दी है। प्रशासन की निगरानी में प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य टीमों की तैनाती की गई है। विशेषज्ञों की टीम बीमारी के कारणों का पता लगाने के साथ ही पानी और पोषण की स्थिति की भी जांच कर रही है। सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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