
नई दिल्ली, 11 अगस्त (हि.स.)।
राज्य सभा ने मंगलवार को अधिकरण सुधार विधेयक 2026 ध्वनि मत से पारित कर दिया। इस बिल के पास होने के बाद नेशनल ट्रिब्यूनल कमीशन (एनटीसी) बनाने का रास्ता साफ हो गया है। ट्रिब्यूनल्स रिफॉर्म्स विधेयक, 2026 का उद्देश्य देश के विभिन्न राष्ट्रीय अधिकरणों (ट्रिब्यूनल) में नियुक्तियों, सेवा शर्तों और प्रशासन में सुधार एवं पारदर्शिता लाना है। इस विधेयक को लोकसभा से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है।
इस विधेयक पर चर्चा के बाद जवाब देते हुए केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि ट्रिब्यूनल्स न्याय दिलाने में अदालतों की मदद करते हैं और तेज़ न्याय सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने बताया कि नरेन्द्र मोदी सरकार के तहत ट्रिब्यूनलों के सुधार की प्रक्रिया 2016 में शुरू हुई थी। इसके बाद 2021 में ट्रिब्यूनल रिफॉर्म्स एक्ट लाया गया।
मेघवाल ने कहा कि इस बिल का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा नेशनल ट्रिब्यूनल कमीशन का गठन है। इसमें दो न्यायिक सदस्य और दो तकनीकी सदस्य होंगे और इसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश या किसी हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश करेंगे। यह आयोग ट्रिब्यूनलों में नियुक्तियों की प्रक्रिया को पारदर्शी, स्वतंत्र और योग्यता आधारित बनाएगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस बिल से ट्रिब्यूनलों के अधिकार क्षेत्र में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि यह कानून न्याय को आसान बनाने और कारोबार करने में सुगमता को बढ़ावा देगा। यह वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे देश की कानूनी और संस्थागत व्यवस्था मजबूत होगी और न्याय व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी