उत्तराखंड: कांवड़ यात्रा ने बनाया नया रिकॉर्ड, 4.80 करोड़ से अधिक शिवभक्त हरिद्वार पहुंचे

युगवार्ता    11-Aug-2026
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हर की पैड़ी पर  कांवड़ मेले के दौरान का विहंगम दृश्य


हरिद्वार, 11 अगस्त (हि.स.)। हरिद्वार में श्रावण मास के कांवड़ मेला-2026 में इस बार आस्था का नया रिकॉर्ड बना। मेला संपन्न होने तक 4 करोड़ 80 लाख 40 हजार कांवड़िये हरकी पैड़ी समेत शहर के विभिन्न घाटों से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए। प्रशासन के अनुसार, कांवड़ यात्रा के इतिहास में यह अब तक की सर्वाधिक संख्या है।

वर्ष 1995 में जहां करीब 50 लाख श्रद्धालु कांवड़ लेने हरिद्वार पहुंचे थे, वहीं 31 वर्षों में यह संख्या करीब 10 गुना बढ़कर 4.80 करोड़ के पार पहुंच गई है। वर्ष 2025 में 4.52 करोड़ कांवड़ियों के हरिद्वार पहुंचने का आंकड़ा दर्ज किया गया था। इस लिहाज से इस वर्ष करीब 28 लाख 40 हजार अधिक कांवड़िये पहुंचे। कांवड़ियों की बढ़ती संख्या के कारण हरिद्वार की सड़कों और राजमार्गों पर आस्था का सैलाब नजर आया।

मेला प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार समापन वाले दिन मंगलवार को 36 लाख 62 हजार के करीब शिवभक्त हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए।

कांवड़ मेला सकुशल संपन्न होने के बाद मंगलवार को जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने हरकी पैड़ी पहुंचकर मां गंगा का पूजन किया। एसएसपी ने कांवड़ मेला-2026 के सफल आयोजन के लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

अधिकारियों ने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय से ही इतने बड़े धार्मिक आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा सका। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष होने वाले कुंभ महापर्व की तैयारियों के लिहाज से भी इस बार कांवड़ मेले के दौरान की गई व्यवस्थाएं महत्वपूर्ण अनुभव साबित होंगी।

प्रशासन के वर्षवार आंकड़ों पर नजर डालें तो 1995 में 50 लाख कांवड़ियों के बाद से यह संख्या लगातार बढ़ती गई। वर्ष 2000 में कांवड़ियों की संख्या एक करोड़ के पार पहुंची, जबकि 2018 में यह आंकड़ा 3.76 करोड़ रहा। कोरोना महामारी के कारण 2020 और 2021 में कांवड़ मेला स्थगित रहा। इसके बाद 2022 में 3.80 करोड़, 2023 में चार करोड़ के करीब, 2024 में 4.14 करोड़ और 2025 में 4.52 करोड़ कांवड़िये हरिद्वार पहुंचे। इस वर्ष 4.80 करोड़ 40 हजार कांवड़ियों के साथ नया रिकॉर्ड बना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

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