नई दिल्ली, 11 अगस्त (हि.स.)। केंद्र सरकार ने देश के 18 शहरों में शहरी बाढ़ के खतरे को कम करने और जल निकासी व्यवस्था मजबूत करने के लिए शहरी बाढ़ जोखिम प्रबंधन कार्यक्रम (यूएफआरएमपी) के तहत कुल 5,520.07 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने मंगलवार को लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के पहले चरण में अहमदाबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई और पुणे समेत सात शहरों के लिए 3,075.65 करोड़ रुपये और दूसरे चरण में भोपाल, भुवनेश्वर, गुवाहाटी, जयपुर, कानपुर, पटना, रायपुर, तिरुवनंतपुरम, विशाखापत्तनम, इंदौर और लखनऊ समेत 11 शहरों के लिए 2,444.42 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
इन परियोजनाओं के लिए राष्ट्रीय आपदा शमन कोष (एनडीएमएफ) से केंद्रीय वित्तीय सहायता दी जा रही है। पहले चरण में अहमदाबाद के लिए 243.90 करोड़, बेंगलुरु के लिए 238.72 करोड़, चेन्नई के लिए 500 करोड़, हैदराबाद के लिए 250 करोड़, कोलकाता के लिए 500 करोड़, मुंबई के लिए 500 करोड़ और पुणे के लिए 250 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता मंजूर की गई है।
दूसरे चरण में शामिल प्रत्येक शहर के लिए 180 से 200 करोड़ रुपये तक की केंद्रीय सहायता मंजूर की गई है। इनमें गुवाहाटी के लिए 180 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं, जिसमें से 54 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। अन्य शहरों के लिए अभी केंद्रीय राशि जारी नहीं की गई है।
सरकार के अनुसार, इन परियोजनाओं से शहरों में बारिश के पानी की निकासी व्यवस्था बेहतर होने, बाढ़ और जलभराव कम होने, सड़क संपर्क में सुधार और जल निकासी नेटवर्क की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।
केंद्र सरकार द्वारा मंजूर परियोजनाओं को संबंधित राज्य सरकारें लागू कर रही हैं। पहले चरण के सभी सात शहरों और दूसरे चरण के गुवाहाटी में परियोजनाएं अलग-अलग स्तर पर लागू की जा रही हैं। परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) की ओर से समय-समय पर बैठकें की जा रही हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार