
काठमांडू, 12 अगस्त (हि.स.)। नेपाल की सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के पास प्रतिनिधि सभा में लगभग दो-तिहाई बहुमत है। इसके बावजूद मंगलवार को संसद में न्यूनतम एक-चौथाई सांसद भी उपस्थित नहीं हो सके, जिसके कारण कोरम पूरा न होने पर प्रतिनिधि सभा की बैठक में एक महत्वपूर्ण विधेयक पेश नहीं हो पाया ।
उद्योग मंत्री गौरी यादव ने खनिज पदार्थ विधेयक पर विचार किए जाने का प्रस्ताव पेश किया था। इस प्रस्ताव पर रात करीब 11:15 बजे तक चर्चा हुई। चर्चा समाप्त होने के बाद जब प्रस्ताव को निर्णय के लिए प्रस्तुत किया जाना था, उस समय आवश्यक गणपूरक संख्या यानी कोरम नहीं होने के कारण बैठक स्थगित कर दी गई।
बताया गया कि कई सांसदों ने सदन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के बाद बैठक से बाहर निकल गए। नेपाली राजनीतिक भाषा में इसे ‘हाजिर करके टाप कसना’ कहा जाता है। यदि प्रस्ताव स्वीकृत हो जाता तो सांसदों को विधेयक में संशोधन प्रस्ताव दर्ज कराने के लिए 72 घंटे का समय मिलता। अब इस प्रस्ताव पर आगे की प्रक्रिया 17 अगस्त को होने वाली प्रतिनिधि सभा की बैठक में ही आगे बढ़ सकेगी।
5 मार्च 2026 को हुए प्रतिनिधि सभा चुनाव में आरएसपी को दो-तिहाई बहुमत मिलने के बाद मंगलवार को पहली बार सदन में आवश्यक गणपूरक संख्या नहीं पहुंची। नेपाल के संविधान के अनुच्छेद 94 के अनुसार प्रतिनिधि सभा की बैठक के लिए कम से कम 69 सांसदों की उपस्थिति आवश्यक है। लेकिन मंगलवार को गणना के दौरान केवल 61 सांसद मौजूद पाए गए। यानी आवश्यक संख्या से आठ सांसद कम थे।
संसद सचिवालय के अनुसार, बैठक की शुरुआत में 220 से अधिक सांसद सदन में मौजूद थे। हालांकि, चर्चा देर रात तक चलने के दौरान बड़ी संख्या में सांसद सदन से बाहर चले गए। उद्योगमंत्री गौरी यादव ने विधेयक पर चर्चा के दौरान सांसदों द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब दिया। इसके बाद स्पीकर डोल प्रसाद अर्याल ने प्रस्ताव को निर्णय के लिए प्रस्तुत किया।
इसी दौरान नेपाली कांग्रेस के सचेतक निष्कल राई ने कोरम पूरा नहीं होने का मुद्दा उठाते हुए सांसदों की संख्या गिनने की मांग की। स्पीकर ने तीन मिनट तक घंटी बजाकर सांसदों को सदन में बुलाया और इसके बाद गणना कराई गई। गणना में केवल 61 सांसद मौजूद पाए गए। आवश्यक 69 सांसदों की संख्या पूरी नहीं होने के बाद स्पीकर ने बैठक स्थगित कर दी।
आरएसपी के मुख्य सचेतक कवीन्द्र बुर्लाकोटी ने कहा कि बैठक काफी लंबी चलने के कारण कई सांसद सदन से बाहर निकल गए और इसी वजह से कोरम पूरा नहीं हो सका। न्होंने स्वीकार किया कि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न आए, इसका ध्यान रखा जाएगा।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास