बच्चों को निशाना बना रहे ग्रे-मार्केट और सोशल मीडिया नेटवर्कः स्वाति मालिवाल

युगवार्ता    12-Aug-2026
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भाजपा सांसद स्वाति मालिवाल


नई दिल्ली, 12 अगस्त (हि.स.)। राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने संसद में बच्चों और युवाओं के बीच बढ़ते अवैध ई-सिगरेट और वेपिंग के चलन पर गंभीर चिंता जताई। बुधवार को विशेष उल्लेख के तहत मुद्दा उठाते हुए स्वाति मालिवाल ने कहा कि रंग-बिरंगे डिजाइन, आसानी से छिपाए जा सकने वाले उपकरण और अलग-अलग फ्लेवर युवाओं को निकोटीन की लत की ओर धकेल रहे हैं।

मालीवाल ने कहा कि वेप डिवाइस अक्सर छोटे यूएसबी उपकरणों जैसे दिखाई देते हैं। इनमें पारंपरिक सिगरेट की तरह धुआं और तेज गंध नहीं होती, जिससे माता-पिता के लिए बच्चों में वेपिंग की पहचान करना मुश्किल हो जाता है।

उन्होंने वेपिंग से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों का उल्लेख करते हुए कहा कि वेप एरोसोल में निकोटीन, भारी धातुएं और फॉर्मल्डिहाइड जैसे रसायन पाए जा सकते हैं। मिंट, कैंडी और मैंगो जैसे फ्लेवर भी कम उम्र के लोगों को आकर्षित कर रहे हैं।

मालीवाल ने कहा, “न धुआं दिखता है, न बदबू आती है—इसलिए मां-बाप को पता भी नहीं चलता। लेकिन हकीकत में यह हमारे बच्चों को निकोटीन की लत में धकेल रहा है।”

उन्होंने दावा किया कि कुछ वेप पॉड्स में निकोटीन की मात्रा 20 सिगरेट के एक पूरे पैकेट के बराबर हो सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि किशोरावस्था में निकोटीन का सेवन मस्तिष्क के विकास को प्रभावित कर सकता है और लंबे समय तक लत का खतरा बढ़ा सकता है।

मालीवाल ने भारत में ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लगाने वाले कानून का उल्लेख करते हुए सरकार के कदम की सराहना की। हालांकि, उन्होंने कहा कि प्रतिबंध के बावजूद वेप्स की अवैध बिक्री ग्रे-मार्केट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए जारी है।

उन्होंने सरकार से राज्यों के साथ मिलकर अवैध विक्रेताओं और ऑनलाइन नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई तेज करने की मांग की। साथ ही स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाने और अभिभावकों को वेपिंग डिवाइस की पहचान तथा इसके खतरों के बारे में जानकारी देने की अपील की।

मालीवाल ने कहा, “कानून किसी उत्पाद पर प्रतिबंध लगा सकता है, लेकिन लत को केवल जागरूकता ही हरा सकती है। हमें कार्रवाई करनी होगी, इससे पहले कि पूरी एक पीढ़ी निकोटीन की गिरफ्त में आ जाए।”

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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