
काठमांडू, 13 अगस्त (हि.स.)। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह को तुर्किये की ओर से औपचारिक निमंत्रण मिला है। यह निमंत्रण द्विपक्षीय यात्रा के लिए नहीं, बल्कि जलवायु परिवर्तन से संबंधित 31वें संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन में भाग लेने के लिए दिया गया है।
प्रधानमंत्री शाह को विदेश यात्रा के लिए मिला यह दूसरा औपचारिक निमंत्रण है। इससे पहले भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी उन्हें भारत यात्रा के लिए आमंत्रित कर चुके हैं। भारत के निमंत्रण के जवाब में नेपाल के विदेश मंत्रालय ने प्रधानमंत्री शाह की ओर से कहा है कि वे उपयुक्त समय पर भारत की यात्रा करेंगे। हालांकि, तुर्किये के राष्ट्रपति के निमंत्रण का जवाब नेपाल की ओर से अभी नहीं भेजा गया है।
तुर्किये इस वर्ष 9 नवंबर से 20 नवंबर तक संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन का आयोजन कर रहा है। राष्ट्रीय सभा की विकास, आर्थिक मामलों तथा सुशासन समिति की बैठक में विदेश मंत्रालय के संयुक्त राष्ट्र प्रभाग के प्रमुख सह सचिव कृष्णप्रसाद ढकाल ने इसकी जानकारी दी।
ढकाल ने समिति की बैठक में कहा कि तुर्किये के राष्ट्रपति की ओर से प्राप्त निमंत्रण प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद कार्यालय को भेज दिया गया है। हालांकि, प्रधानमंत्री सम्मेलन में भाग लेंगे या नहीं, इस बारे में अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है। प्रधानमंत्री शाह सितंबर-अक्टूबर में होने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में भी शामिल नहीं होंगे। उनकी जगह विदेश मंत्री शिशिर खनाल को भेजे जाने की तैयारी है।
तुर्किये ने जलवायु परिवर्तन के लिहाज से संवेदनशील पर्वतीय देश नेपाल को विशेष महत्व देते हुए यह निमंत्रण दिया है। नेपाल अंतरराष्ट्रीय मंचों पर विशेष रूप से उन पर्वतीय देशों का मुद्दा उठाता रहा है, जहां जलवायु परिवर्तन के कारण हिमनद तेजी से पिघल रहे हैं। नेपाल ने जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर ‘सगरमाथा संवाद’ जैसे अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों का भी आयोजन किया है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास