सब्सक्रिप्शन के लिए खुला क्रेडेंट कनेक्ट का आईपीओ, 20 अगस्त को हो सकती है लिस्टिंग

युगवार्ता    13-Aug-2026
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प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 13 अगस्त (हि.स.)। डायग्नोस्टिक लैब, आईवीडी और फार्मास्यूटिकल फर्म्स, क्लीनिक्स और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों को इंटिग्रेटेड लॉजिस्टिक्स, ह्यूमन रिसोर्स और टेक्नोलॉजी बेस्ड सर्विस देने वाली कंपनी क्रेडेंट कनेक्ट एंड केयर का 93.90 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 17 अगस्त तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 18 अगस्त को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 19 अगस्त को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 20 अगस्त को एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। लॉन्चिंग के बाद पहले दिन कुछ घंटे में ही ये आईपीओ फुली सब्सक्राइब हो गया। शाम 3:40 बजे तक इस पब्लिक इश्यू को 1.76 गुना सब्सक्रिप्शन मिल चुका था।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 179 रुपये से लेकर 189 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 600 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 1,200 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,26,800 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 49.68 लाख नए शेयर जारी हो रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 26.60 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 46.46 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 19.87 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा मार्केट मेकर के लिए 7.07 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए हेम सिक्योरिटीज लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। हेम फिनलीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।

क्रेडेंट कनेक्ट एंड केयर की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में उतार-चढ़ाव होता रहा है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 2.66 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में कम होकर 2.25 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

हालांकि, इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में थोड़ी बढ़ोतरी जरूर हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 76.02 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 78.23 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 6.85 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 7.42 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 13.66 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसके अगले साल यानी 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 15.90 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 13.46 करोड़ रुपये के स्तर पर था। वहीं 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस जबरदस्त उछाल के साथ 15.70 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 4.30 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 4.99 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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