मुंबई, 13 अगस्त, (हि.स.)। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की मुंबई जोनल यूनिट ने अंतर-राज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 1.06 किलो चरस, कोडीन-बेस्ड कफ सिरप की 15,000 से अधिक बोतलें और 12,240 ट्रामाडोल टैबलेट जब्त की हैं। इन कार्रवाइयों में एक महिला समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में अलग-अलग ऑपरेशनों के दौरान यह कार्रवाई की गई। इस मामले की गहन छानबीन एनसीबी की टीम कर रही है।
एनसीबी के एक अधिकारी ने बताया कि गोपनीय जानकारी के आधार पर एनसीबी की टीम ने बुधवार को मुंबई के घाटकोपर इलाके में एक महिला के घर पर छापेमारी कर घरेलू सामान के बीच छिपाकर रखी गई 1.06 किलो चरस बरामद की। जांच में सामने आया कि महिला और उसके सहयोगियों ने कथित तौर पर मुंबई और आसपास के इलाकों में बिक्री के लिए यह ड्रग्स मंगाया था। आरोपित कथित तौर पर ड्रग्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई और आगामी त्योहारों के कारण बाजार में आई कमी का फायदा उठाकर नशीले पदार्थों को ऊंची कीमत पर बेचने की तैयारी में थे। महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है।
इसी तरह एनसीबी ने एक अन्य कार्रवाई में गुजरात से मुंबई आ रही एक यात्री बस को रोककर कोडीन-बेस्ड कफ सिरप की 1,080 बोतलें जब्त कीं। इनका कुल वजन करीब 108 किलो बताया गया है। इस मामले में एक कथित ड्रग तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। ड्रग की इस खेप को पकड़े जाने से बचाने के लिए बस के जरिए मुंबई लाया जा रहा था। इसका कथित उद्देश्य मुंबई, ठाणे जिले के भिवंडी और आसपास के क्षेत्रों में नशीली दवाइयों को अवैध रूप से खुदरा बाजार में पहुंचाना था। बस से नशीले पदार्थ की बरामदगी के बाद जांच आगे बढ़ाई गई और एनसीबी ने कथित डिस्ट्रीब्यूटर का पता लगाकर गुजरात के वडोदरा स्थित उसके गोदाम की तलाशी ली। यहां से कोडीन-बेस्ड कफ सिरप की 13,938 अतिरिक्त बोतलें और 12,240 ट्रामाडोल टैबलेट बरामद की गईं। जांच के दौरान कथित तौर पर फर्जी इनवॉइस भी मिले। अधिकारियों के अनुसार, इनका इस्तेमाल डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवाइयों को अवैध तरीके से बाजार में पहुंचाने के लिए किया जा रहा था। कुछ कफ सिरप की बोतलों के बैच नंबरों में भी कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई थी, ताकि उनकी अवैध सप्लाई को छिपाया जा सके। इस मामले में गिरफ्तार कथित तस्कर मुख्य रूप से भिवंडी में सक्रिय था और इससे पहले भी महाराष्ट्र पुलिस ने उसे एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज एक मामले में गिरफ्तार किया था। गुजरात निवासी कथित डिस्ट्रीब्यूटर के खिलाफ पुलिस द्वारा दर्ज अन्य नशीले पदार्थ की तस्करी के मामलों में भी उसकी तलाश बताई गई है। इस नेटवर्क से जुड़े कई अन्य सहयोगियों की पहचान कर ली गई है और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए जांच एवं तलाश अभियान जारी है।
ट्रामाडोल एक ओपिओइड दर्द निवारक दवा है, जबकि कोडीन का इस्तेमाल कुछ कफ सिरप में किया जाता है। दोनों का चिकित्सीय उपयोग है और इनका इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह के अनुसार किया जाता है। हालांकि, बिना चिकित्सकीय निगरानी इनके दुरुपयोग से निर्भरता और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा हो सकता है। एनसीबी की इस कार्रवाई से प्रतिबंधित और नियंत्रित दवाइयों की अवैध सप्लाई करने वाले अंतर-राज्यीय नेटवर्क पर शिकंजा कसने की कोशिश तेज हुई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव