
कोलकाता, 14 अगस्त (हि.स.)। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के हाबरा से इस सप्ताह गिरफ्तार पाकिस्तानी नागरिक वहाब आलम के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। आलम को पश्चिम बंगाल पुलिस के विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने गिरफ्तार किया था।
एसटीएफ की शुरुआती जांच में आलम के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) से संबंध सामने आने के बाद एनआईए ने मामले में रुचि दिखाई है। एनआईए ने बंगाल एसटीएफ से अब तक हुई जांच और जुटाई गई जानकारी का ब्योरा मांगा है।
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, एनआईए विशेष रूप से उन लोगों की जानकारी हासिल करना चाहती है, जिनके साथ आलम नियमित संपर्क में था। इसके अलावा 2012 में फर्जी भारतीय पहचान दस्तावेजों के जरिए अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने के बाद पश्चिम बंगाल में उसकी गतिविधियों और आवाजाही का विवरण भी मांगा गया है।
केंद्रीय एजेंसी ने गिरफ्तार सह आरोपित मोहम्मद इजाज के बारे में भी जानकारी मांगी है। आरोप है कि इजाज ने भारत में आलम को बसाने में मदद की थी। इजाज फिलहाल एसटीएफ की हिरासत में है।
सूत्रों ने बताया कि एनआईए राज्य पुलिस द्वारा जुटाई गई जानकारी का आकलन कर रही है, ताकि मामले में आगे की जांच की दिशा तय की जा सके। जांचकर्ता आलम और इजाज से जुड़े कथित संपर्क नेटवर्क की भी पड़ताल कर रहे हैं। इस नेटवर्क में दोनों आरोपितों के अलावा अन्य लोगों के शामिल होने की आशंका की भी जांच की जा रही है।
एनआईए के अधिकारी जल्द ही आलम और इजाज से पूछताछ कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर दोनों को आमने-सामने बिठाकर भी पूछताछ की जा सकती है, ताकि उनके बयानों का मिलान किया जा सके और अलग-अलग स्रोतों से मिली जानकारियों के बीच संभावित संबंधों की पुष्टि हो सके। जांचकर्ताओं का मानना है कि इन जानकारियों को जोड़ने से आरोपितों के नेटवर्क और उनकी गतिविधियों की वास्तविक सीमा का पता लगाने में मदद मिल सकती है।
इधर, राज्य एसटीएफ आलम के मोबाइल फोन और गिरफ्तारी के दौरान जब्त किए गए अन्य डिजिटल उपकरणों की जांच कर रही है। इनमें उसकी नोटबुक विशेष रूप से जांच के दायरे में है।
पुलिस सूत्र के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि आलम नेपाल के रास्ते अवैध रूप से पश्चिम बंगाल में दाखिल हुआ था। यह जानकारी भी सामने आई है कि नेपाल में रहने के दौरान उसने शिलू नाम की स्थानीय महिला से शादी की थी।
बंगाल पुलिस अब राजनयिक माध्यमों से विदेश मंत्रालय के जरिए नेपाल सरकार से आलम की पत्नी के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रही है।
एसटीएफ की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि आलम को कथित तौर पर आईएसआई ने पश्चिम बंगाल भेजा था। आरोप है कि उसे देश के पूर्वी क्षेत्र में भारतीय थल सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय रेल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाने का काम दिया गया था।----
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर