युवाओं को सुरक्षित रोजगार और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था देना जरूरी : राज्यपाल

युगवार्ता    15-Aug-2026
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राज्यपाल तिरंगा फहराते हुए


राज्यपाल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए


राज्यपाल परेड का निरीक्षण करतेहुए


-राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उपराजधानी दुमका में फहराया तिरंगा

दुमका, 15 अगस्त (हि.स.)। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने शनिवार को उपराजधानी दुमका के पुलिस लाइन मैदान में तिरंगा फहराया। इस अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने युवाओं के रोजगार, शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता और सुशासन से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि युवाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराना राज्य के विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला है।

राज्यपाल ने कहा कि सरकारी सेवाओं में युवाओं को पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है और इस दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य के युवा अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर आगे बढ़ना चाहते हैं। ऐसे में उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है।

निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था से जुड़ा युवाओं का भविष्य

प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता पर जोर देते हुए गंगवार ने कहा कि शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सीधे तौर पर युवाओं के भविष्य और उनके विश्वास से जुड़ी है। प्रश्नपत्र लीक, कदाचार या किसी भी प्रकार की अनियमितता को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं मेहनत और प्रतिभा के दम पर आगे बढ़ने वाले विद्यार्थियों का मनोबल प्रभावित करती हैं और उनके भविष्य पर भी प्रतिकूल असर डालती हैं। राज्यपाल ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार परीक्षा प्रणाली की कमियों की गहन समीक्षा कर उन्हें दूर करने के लिए ठोस कदम उठाएगी। उन्होंने परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर प्रभावी रोक लगाने के लिए मजबूत व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी अपेक्षा जताई।

जवाबदेही और पारदर्शिता सुशासन की पहचान

राज्यपाल ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का विश्वास सबसे बड़ी पूंजी है। पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाना, प्रशासन को जनता के प्रति जवाबदेह बनाना और भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाना सुशासन की मूल पहचान है।

उन्होंने कहा कि तकनीक और डिजिटल व्यवस्था के बेहतर इस्तेमाल से सरकारी सेवाओं को सरल, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित बनाया जा रहा है। सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए कठोर और निरंतर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की अहम भूमिका

युवाओं को संबोधित करते हुए गंगवार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का जो संकल्प देश के सामने रखा है, उसमें युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। राज्य और देश का भविष्य युवाओं के हाथों में है। युवाओं के पास ऊर्जा, तकनीक, नए विचार और कुछ नया करने का साहस है। इन क्षमताओं को सही दिशा देकर झारखंड और देश के विकास को नई गति दी जा सकती है।

उन्होंने कहा कि सभी को मिलकर ऐसा संकल्प लेना चाहिए, जिससे बेटियों को आगे बढ़ने के पूरे अवसर मिलें। साथ ही जनजातीय और वंचित समाज के विकास को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है। राज्यपाल ने कहा कि युवाओं के सपनों, प्रतिभा और परिश्रम का सम्मान करते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए हर संभव अवसर उपलब्ध कराया जाना चाहिए। समावेशी विकास के लिए समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ना जरूरी है।

स्वतंत्रता सेनानियों को किया नमन

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्यपाल ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, रानी लक्ष्मीबाई सहित सभी महान स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने देश को सत्य और अहिंसा का मार्ग दिखाया, जबकि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने अपने ओजस्वी आह्वान से देशवासियों में स्वतंत्रता की प्रबल चेतना और राष्ट्र के लिए सर्वस्व अर्पित करने का साहस पैदा किया।

झारखंड के वीरों के संघर्ष को किया याद

राज्यपाल ने कहा कि झारखंड की धरती ने भी देश के स्वतंत्रता संग्राम और औपनिवेशिक शासन के खिलाफ संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो, तिलका मांझी, नीलांबर-पीतांबर सहित अनेक ज्ञात-अज्ञात वीरों ने अन्याय और शोषण के खिलाफ संघर्ष किया।

उन्होंने कहा कि इन वीरों ने स्वाभिमान और अधिकारों की रक्षा का संदेश दिया, जिसे सदैव श्रद्धा और कृतज्ञता के साथ याद किया जाएगा। भगवान बिरसा मुंडा के ‘उलगुलान’ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह संघर्ष हमें संदेश देता है कि जल, जंगल और जमीन केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की पहचान, संस्कृति और जीवन के आधार हैं।

राज्यपाल ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर युवाओं, बेटियों और वंचित समाज के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने, निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन के निर्माण का आह्वान किया।---------

हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

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