
नई दिल्ली, 17 अगस्त (हि.स.)। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री बंदी संजय कुमार ने सोमवार को कहा कि एसएसबी परिसर में नवनिर्मित आवास केवल भवन नहीं हैं ये राष्ट्र की सुरक्षा में समर्पित जवानों और उनके परिवारों के कल्याण के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
कुमार ने हैदराबाद के इब्राहिमपटनम स्थित सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) परिसर में 48 नवनिर्मित पृथक पारिवारिक आवासों के उद्घाटन के अवसर पर यह बात कही। उन्होंने राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले एसएसबी के 51 वीर बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
मंत्री ने कहा, सुरक्षित और संतुष्ट परिवार ही आत्मविश्वासी जवान की सबसे बड़ी ताकत है। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के कार्मिकों के लिए बेहतर आवासीय सुविधाएं और ‘आवास संतुष्टि दर’ में वृद्धि मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। एसएसबी में अब तक कुल 10,029 आवासों का निर्माण पूर्ण हो चुका है जबकि 1,273 आवासों का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है।
उन्होंने कहा कि सशस्त्र सीमा बल भारत-नेपाल एवं भारत-भूटान की लगभग 2,450 किलोमीटर लंबी खुली अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा का महत्वपूर्ण दायित्व निभा रहा है। बल सुरक्षा, सतर्कता और संवेदनशीलता के संतुलन के साथ मादक पदार्थों, हथियारों, मानव तस्करी, अवैध आव्रजन, जाली मुद्रा और वन्यजीव अपराधों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रहा है।
मंत्री ने कहा कि बदलते सुरक्षा परिदृश्य के मद्देनजर एसएसबी अपनी परिचालन क्षमता को लगातार मजबूत कर रहा है। इसके लिए कई आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। इनमें ड्रोन, सीसीटीवी और थर्मल इमेजर, नाइट विजन उपकरण और जीपीएस आधारित गश्त, सुरक्षित डिजिटल संचार तथा जीआईएस आधारित योजना निर्माण शामिल हैं।
मंत्रालय के मुताबिक सीमा सुरक्षा के अलावा आंतरिक सुरक्षा, उग्रवाद-रोधी अभियानों, चुनाव ड्यूटी और आपदा प्रबंधन में बल की भूमिका अहम है। बल के 18 राहत एवं बचाव दल प्राकृतिक आपदाओं के दौरान तत्काल सहायता के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में विन हार्ट्स एंड माइंड्स (लोगों का दिल और दिमाग जीतना) की भावना के तहत चिकित्सा शिविर, कौशल विकास, खेल, महिला सशक्तिकरण और आजीविका कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। मधुमक्खी पालन जैसी पहलों के माध्यम से स्थानीय युवाओं तथा ग्रामीण समुदायों को आत्मनिर्भर और स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है।
इस मौके पर सशस्त्र सीमा बल के महानिदेशक संजय सिंघल, गृह मंत्रालय तथा बल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में जवान और उनके परिवारजन मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी