
नई दिल्ली, 17 अगस्त (हि.स.)। देश में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों की बेरोजगारी दर जुलाई महीने में घटकर 5.1 फीसदी रह गई है, जो जून में 5.5 फीसदी रही थी। इस दौरान श्रमबल भागीदारी और कामगार जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर) दोनों में सुधार दर्ज किया गया है।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने सोमवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) के मुताबिक जुलाई महीने में ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर पांच फीसदी से घटकर 4.5 फीसदी रह गई है, जबकि शहरी क्षेत्रों में ये जून के 6.6 फीसदी से मामूली बढ़त के साथ 6.7 फीसदी हो गई।
एनएसओ के मुताबिक जुलाई 2025 की तुलना में कुल और ग्रामीण बेरोजगारी दर में बहुत बदलाव नहीं हुआ है। वहीं, शहरी बेरोजगारी दर एक साल पहले के 7.2 प्रतिशत से घटकर 6.7 फीसदी रह गई है। आंकड़ों के मुताबिक, 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के पुरुषों में कुल बेरोजगारी दर जून के 5.3 फीसदी से घटकर जुलाई में पांच फीसदी रह गई। इस तरह जुलाई, 2025 के मुकाबले इसमें 0.3 फीसदी की गिरावट आई है।
आंकड़ों के मुताबिक ग्रामीण पुरुषों में बेरोजगारी दर 4.9 फीसदी से घटकर 4.6 फीसदी रही रही, जबकि शहरी पुरुषों में यह जून के स्तर के आसपास रही। हालांकि, जुलाई 2025 की तुलना में शहरी पुरुषों की बेरोजगारी दर 6.6 फीसदी से घटकर 5.9 फीसदी रह गई है।
इसके अलावा महिलाओं में कुल और ग्रामीण बेरोजगारी दर जुलाई में जून के मुकाबले घटी है, लेकिन दोनों एक साल पहले के स्तर से अधिक रहीं। शहरी महिलाओं में बेरोजगारी दर जून के 8.4 फीसदी से बढ़कर जुलाई में 8.8 फीसदी हो गई, जबकि जुलाई 2025 में ये 8.7 फीसदी थी।
मंत्रालय के जारी आंकड़ों के मुताबिक अखिल भारतीय स्तर पर जुलाई के मासिक अनुमान 3,71,021 लोगों से जुटाई गई जानकारी पर आधारित हैं। जुलाई 2026 का मासिक बुलेटिन इस शृंखला का 16वां बुलेटिन है।दक्षिण-एशियाई और प्रवासी सर्वेक्षण के अनुसार, 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों की कुल श्रम बल भागीदारी दर (एलएफपीआर) जून के 54.4 फीसदी से बढ़कर जुलाई में 55.4 फीसदी हो गई। ग्रामीण क्षेत्रों में यह 56.6 फीसदी से बढ़कर 58 फीसदी और शहरी क्षेत्रों में 50.1 फीसदी से मामूली बढ़कर 50.4 फीसदी रही।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर