
नई दिल्ली, 18 अगस्त (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं लोकसभा सांसद रविशंकर प्रसाद ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् के कथित अपमान और इसके बाद गोवा में भी इससे जुड़े विवाद को लेकर कांग्रेस की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि देश के स्वतंत्रता आंदोलन में वंदे मातरम् की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और इसका अपमान स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास का अपमान है। कांग्रेस का मौजूदा रवैया उसके वास्तविक चरित्र को दर्शाता है।
रविशंकर प्रसाद ने मंगलवार को अपने आवास पर पत्रकार वार्ता में कहा कि कांग्रेस अगर वंदे मातरम् का सम्मान नहीं कर सकती तो उसे स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत पर अपना एकाधिकार जताना बंद कर देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का मौजूदा रवैया उसके वास्तविक चरित्र को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि देश के स्वतंत्रता आंदोलन में वंदे मातरम् की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और इसका अपमान स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास का अपमान है।
भाजपा सांसद ने कांग्रेस के पुराने रुख का जिक्र करते हुए कहा कि 1950 में डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने वंदे मातरम् को राष्ट्रीय गीत के रूप में स्वीकार किए जाने का समर्थन किया था। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस विरासत से कांग्रेस का ऐतिहासिक जुड़ाव रहा है, आज वही पार्टी उससे मुंह क्यों मोड़ रही है।
रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने तीन तलाक, शाह बानो मामले, अनुच्छेद 370 और ‘जन गण मन’ के दौरान कथित वॉकआउट जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस की नीतियों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस का रवैया लगातार सवालों के घेरे में रहा है।
उन्होंने संविधान की मूल प्रति का भी उल्लेख किया, जिसमें भगवान राम, श्रीकृष्ण, हनुमान जी और गुरु गोविंद सिंह जैसे सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक प्रतीकों के चित्र होने की बात कही। प्रसाद ने सवाल किया कि अगर कांग्रेस भारतीय संस्कृति और विरासत को लेकर आपत्ति जताती है तो फिर संविधान की मूल भावना और उसमें मौजूद सांस्कृतिक प्रतीकों को लेकर उसका क्या रुख है।
प्रसाद ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व वंदे मातरम् के मुद्दे पर देश को जवाब देने के बजाय भाजपा पर राजनीतिक आरोप लगाने में लगा है। कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत और राष्ट्रगीत के सम्मान के पक्ष में है या नहीं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कई मौकों पर देशवासियों को अपनी राष्ट्रीय विरासत और स्वतंत्रता आंदोलन के मूल्यों के प्रति जागरूक रहने की बात कही है। उन्होंने कांग्रेस से आग्रह किया कि वह वंदे मातरम् के सम्मान के साथ स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत पर राजनीति करने के बजाय उसे स्वीकार करे।
भाजपा सांसद ने कहा कि देश की जनता कांग्रेस के इस रवैये को देख रही है और आने वाले समय में जनता ही इसका जवाब देगी। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर देश में राजनीतिक अस्थिरता और अराजकता का माहौल बनाने का भी आरोप लगाया।
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हिन्दुस्थान समाचार / सौरव राय