‘शक्ति की सप्तधारा’ को जमीन पर उतारेगी कृषि : शिवराज सिंह चौहान

युगवार्ता    18-Aug-2026
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‘शक्ति की सप्तधारा’ को धरातल पर उतारने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्रालयों के अंतर्गत विभागों का संकल्प कार्यक्रम को संबोधित करते केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान


नई दिल्ली, 18 अगस्त (हि.स.)। विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लाल किले से घोषित ‘शक्ति की सप्तधारा’ को अब जमीन पर उतारने की तैयारी शुरू हो गई है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को कहा कि कृषि और फूड प्रोसेसिंग इस सप्तधारा की सबसे बड़ी ताकत बनेंगी। उनका जोर गुणवत्तापूर्ण और निर्यात-योग्य उत्पादन पर रहा ताकि दुनिया के बाजार में भारतीय किसान का डंका बजे।

केन्द्रीय मंत्री शिवराज ‘शक्ति की सप्तधारा’ को धरातल पर उतारने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्रालयों के अंतर्गत विभागों का संकल्प कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। पूसा स्थित सी. सुब्रमण्यम सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि आज का कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं बल्कि कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े पूरे परिवार का सामूहिक संकल्प है। इस परिवार में किसान, वैज्ञानिक, अधिकारी, कर्मचारी, प्रोसेसर, निर्यातक, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं और किसान उत्पादक संगठन सभी बराबर के भागीदार हैं। प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है और सभी को मिलकर प्रधानमंत्री जी के विजन को सफल बनाना है।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारतीय कृषि को खेत से लेकर वैश्विक बाजार तक जोड़ना समय की आवश्यकता है। देश के किसानों के पास मिर्च, मसाले, फल, फूल, पारंपरिक खाद्य उत्पाद और अनेक कृषि उपजों की बड़ी विविधता है। इन उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार कर उन्हें वैश्विक बाजारों की मांग के अनुरूप तैयार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और निर्यात के माध्यम से किसानों की आय में महत्वपूर्ण वृद्धि की जा सकती है। किसान, प्रोसेसर और निर्यातक एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। इसलिए इन सभी को एक मंच पर लाकर समन्वित तरीके से काम करने की आवश्यकता है।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि यदि भारतीय कृषि उत्पादों में गुणवत्ता, शुद्धता और विश्वसनीयता होगी, तो वैश्विक बाजार उन्हें स्वीकार करेंगे। प्राकृतिक खेती, जैविक खेती और रसायन-मुक्त खेती से तैयार उत्पादों की देश और दुनिया में मांग लगातार बढ़ रही है। इस दिशा में किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, बाजार की जानकारी और बेहतर प्रसंस्करण सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि देश में कृषि के लिए राष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ प्रत्येक राज्य और जिले का अलग कृषि रोडमैप तैयार किया जाना चाहिए। भारत के अलग-अलग क्षेत्रों में जलवायु, मिट्टी, पानी और फसल की परिस्थितियां अलग हैं। इसलिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार फसल उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन की योजनाएं बनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश और दुनिया के बाजार में किस फसल की कितनी मांग है, इसका वैज्ञानिक आकलन करना आवश्यक है। इसी आधार पर किसानों से संवाद कर उन्हें उपयुक्त फसलों, बेहतर गुणवत्ता और आधुनिक कृषि पद्धतियों के लिए प्रेरित किया जा सकता है। कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, कृषि विज्ञान केंद्रों, राज्य सरकारों और अन्य संस्थानों को मिलकर किसानों तक नई तकनीक पहुंचानी होगी। उन्होंने कहा कि तकनीक, मशीनीकरण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, बेहतर बीज और आधुनिक कृषि पद्धतियों का इस्तेमाल बढ़ाकर उत्पादन और उत्पादकता दोनों में वृद्धि की जा सकती है।

शिवराज सिंह ने कहा कि कृषि क्षेत्र के लिए सरकार की प्राथमिकता उत्पादन बढ़ाना, लागत कम करना, गुणवत्ता सुधारना और किसानों को उचित मूल्य दिलाना है। किसानों को मौसम, बाजार और उत्पादन से जुड़ी सही जानकारी समय पर उपलब्ध कराना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती, जैविक खेती, सिंचाई, जल संरक्षण, फसल विविधीकरण और कृषि आधारित आय के अन्य साधनों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए एकीकृत कृषि प्रणाली और स्थानीय संसाधनों पर आधारित मॉडल विकसित किए जाने चाहिए। श्री चौहान ने कहा कि कृषि क्षेत्र की उपलब्धियां महत्वपूर्ण हैं, लेकिन ये केवल पड़ाव हैं, मंजिल नहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए लक्ष्य दिए हैं और अब उन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सभी विभागों को और अधिक गति तथा गंभीरता से काम करना होगा। चौहान ने कहा कि तीन करोड़ ग्रामीण महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है। अब प्रधानमंत्री जी ने छह करोड़ लखपति दीदियां बनाने का लक्ष्य दिया है। उन्होंने कहा कि तीन करोड़ नई लखपति दीदियों का निर्माण ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव लाएगा।

कार्यक्रम में राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी तथा डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासामी और चारों विभागों के सचिव भी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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