
नई दिल्ली, 19 अगस्त (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज हमेशा की तरह प्रातः एक्स हैंडल पर सुभाषितम् साझा कर लोगों से परोपकारी बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अन्य प्राणियों की पूरी सामर्थ्य से मदद कर जीवन की पूर्ण सार्थकता साबित की जा सकती है।
यह सुभाषितम् अर्थात संस्कृत श्लोक इस प्रकार है, ''एतवज्जन्मसाफल्यं देहिनामिह देहिषु। प्राणैरर्थैर्य वाचा श्रेय एवाचरेत्सदा॥'' इसे श्रीमद्भागवत महापुराण (10.22.35) से लिया गया है। इस श्लोक में मनुष्य जन्म के सफल होने का मंत्र समाहित है।
प्रधानमंत्री के एक्स हैंडल में इसका अर्थ लिखा गया है, ''इस संसार में मनुष्यों के जन्म की पूर्ण सार्थकता इसी में निहित है कि वे अन्य प्राणियों के प्रति अपनी शारीरिक सामर्थ्य, धन-सम्पति, बुद्धि तथा वाणी के माध्यम से सदैव परोपकारी एवं कल्याणकारी कर्मों का ही सम्पादन करें।''
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद