छात्रों को विरोध प्रदर्शनों से रोकने वाला परिपत्र तमिलनाडु सरकार ने लिया वापस

युगवार्ता    19-Aug-2026
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-छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों के विरोध के बाद कॉलेज शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश

चेन्नई, 19 अगस्त (हि.स.)। तमिलनाडु सरकार ने सरकारी कला एवं विज्ञान महाविद्यालयों तथा विश्वविद्यालयों में छात्रों को विरोध प्रदर्शन और आंदोलनों में भाग लेने से रोकने के लिए जारी विवादास्पद परिपत्र को वापस ले लिया है। छात्र संगठनों, राजनीतिक दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के कड़े विरोध के बाद कॉलेज शिक्षा विभाग की निदेशक सिंधिया सेल्वी ने बुधवार को आदेश वापस लेने की घोषणा की।

इससे पहले कॉलेज शिक्षा विभाग की ओर से महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में छात्र विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए पुलिस और कॉलेज प्रशासन की ओर से उठाए गए एहतियाती कदमों तथा भविष्य में ऐसे प्रदर्शनों को रोकने के लिए प्रस्तावित उपायों पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई थी। सभी कॉलेजों को तत्काल रिपोर्ट तैयार कर अगले दिन सुबह तक भेजने का निर्देश दिया गया था। आदेश में कहा गया था कि यह कार्रवाई मुख्य सचिव के निर्देश के आधार पर की जा रही है।

परिपत्र सामने आने के बाद विभिन्न छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों ने सरकार पर छात्रों के लोकतांत्रिक और विरोध के अधिकार को सीमित करने का आरोप लगाया। वामपंथी छात्र संगठनों सहित कई समूहों ने आदेश की आलोचना करते हुए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी थी।

विरोध बढ़ने के बाद सरकार ने तत्काल अपना फैसला बदलते हुए संबंधित रिपोर्ट और परिपत्र वापस लेने की घोषणा की। कॉलेज शिक्षा विभाग की निदेशक सिंधिया सेल्वी की ओर से जारी नए परिपत्र में कहा गया है कि छात्रों को विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने से रोकने के लिए प्रस्तावित समन्वित कार्रवाई से संबंधित पूर्व आदेश तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाता है।

परिपत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस संबंध में कॉलेजों की ओर से पहले से तैयार की गई रिपोर्ट उच्च शिक्षा विभाग को भेजने की आवश्यकता नहीं है। साथ ही, भविष्य में छात्रों के विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए इस तरह के प्रतिबंधात्मक आदेश जारी नहीं किए जाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Dr. Vara Prasada Rao PV

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