
रायपुर, 20 अगस्त (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (आईजीकेवी ) में बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी (कीट विज्ञान) परीक्षा से ठीक 2 घंटे पहले प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर लीक होने के दावे के बाद छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में भारी विरोध-प्रदर्शन किया है। छात्रों के तीव्र आक्रोश और हंगामे को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रबंधन ने इस परीक्षा को तुरंत रद्द कर दिया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लीक हुए एंटोमोलॉजी (कीट विज्ञान) विषय की दोबारा परीक्षा कराने के लिए नया टाइम-टेबल जल्द ही जारी किया जाएगा।
विश्वविद्यालय में एंटोमोलॉजी विषय की परीक्षा सुबह 10 बजे से होनी थी, लेकिन छात्रों के मुताबिक करीब सुबह 8 बजे ही पेपर सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। मामले की जानकारी सामने आने के बाद छात्रों में नाराजगी है। जैसे ही छात्रों को पेपर लीक की भनक लगी, परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए छात्र और अखिल विद्यार्थी परिषद और विभिन्न छात्र संगठन उग्र विरोध पर उतर आए। प्रभावित छात्रों ने सीधे वीसी (कुलपति) चेंबर के पास पहुंचकर कड़ा विरोध जताया और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है।
विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक और रजिस्ट्रार डॉ. कपिल देव दीपक ने जानकारी दी है कि शुरुआती मिलान में लीक प्रश्नपत्र असली पाए जाने के बाद परीक्षा को तत्काल रद्द करने का निर्णय लिया गया। पेपर लीक होने की पहली आधिकारिक शिकायत कवर्धा कॉलेज से ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए मिली थी ।अब यह परीक्षा नए सिरे से आयोजित की जाएगी। मामले की जांच के लिए प्रशासन ने एक पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की है, जिसमें डीआई समेत विवि के 3 वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किए जाने की सूचना है। जिसे एक सप्ताह के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपनी है।
विश्वविद्यालय द्वारा रायपुर के तेलीबांधा थाना और क्राइम ब्रांच की साइबर सेल में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई गई है। व्हाट्सएप और ईमेल के तकनीकी डेटा के जरिए पेपर लीक के मुख्य स्रोत (सोर्स) का पता लगाया जा रहा है।साइबर सेल उस डिजिटल सोर्स (लॉगिन आईडी या फॉरवर्ड चेन) को ट्रेस कर रही है, जहां से सबसे पहले सुबह 8:00 बजे पेपर की तस्वीरें बाहर आईं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी इस मामले का संज्ञान लेते हुए कहा कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ बेहद सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रश्नपत्र रायपुर से तैयार होकर संबद्ध 28 कॉलेजों में भेजा जाता है, इसलिए पूरी वितरण प्रक्रिया की समीक्षा की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी चूक न हो।
कॉलेज प्रबंधन को परीक्षा विभाग के ही किसी अधिकारी द्वारा पेपर लीक करने की सूचना मिली है। वायरल चैट से स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। पेपर लीक मामले की जांच के लिए समिति गठित की जा रही है जिसमें डीआई समेत विवि के 3 वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किए जाने की सूचना है।
कुलपति और कुलसचिव ने कहा है कि जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर जो भी अधिकारी, कर्मचारी या बाहरी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सीधे बर्खास्तगी और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा